कृष्णा प्रसाद
जामताड़ा । आसनसोल मंडल रेल अंतर्गत पड़ने वाले चितरंजन स्टेशन में इन दिनों पानी की बर्बादी आसानी से देखी जा सकती है। अक्सर यहां पर नल टूटा हुआ पाया जाता है और पानी बहते हुए देखी जा सकती है।बताया जाता है कि इस और रेल प्रशासन से लेकर आम नागरिक एवं रेल यात्री की अनदेखी से रोजाना सैकड़ों लीटर पानी की बर्बादी होती है। एक और रेलवे हजारों लाखों खर्च कर पानी की व्यवस्था रेल यात्रियों के लिए करती है और भारत सरकार के रेल मंत्रालय लाखों रुपया के विज्ञापन में खर्च कर बूंद बूंद पानी बचाने के अभियान में प्रयासरत रहती है। वही दूसरी ओर रेल यात्री एवं रेल प्रशासन की अनदेखी से पानी की बर्बादी देखने को मिल रही है।
चितरंजन स्टेशन में ट्रेन के आगमन के समय रेल यात्रियों से ज्यादा आसपास के लोगों को पानी भरते देखा जा सकता है जिससे कि इनके द्वारा नल में पानी लेने के दौरान छेड़छाड़ होने से नल अक्सर टूट जाती है। रेल पुलिस एवं रेल प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देती है। जिससे नल से पानी बहती हुई देखी जा सकती है।
