निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा : पुलिस ने वर्दी की आड़ में लोगों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने वाले एक शातिर फर्जी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को जैप-05 देवघर का जवान बताकर इलाके में रौब झाड़ रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक देशी कट्टा, जिंदा कारतूस, चाकू और वॉकी-टॉकी समेत भारी मात्रा में सामान बरामद किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा के नेतृत्व में की गई। इस संबंध में मिहिजाम थाना में कांड संख्या 50/2026 दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। मामले को लेकर एस डी पी ओ वसीम रजा ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि जामताड़ा एस पी शम्भु कुमार सिंह को मिली सूचना के आधार पर कारवाई हुई है।
शराब पीते पकड़ा गया फर्जी जवान, ID कार्ड ने खोला राज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि पुलिस की वर्दी (बूट, पैंट और खाकी गंजी) पहने एक व्यक्ति कानगोई-डोमडाहा रोड पर घूम रहा है और लोगों को दिगभ्रमित कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम कानगोई पत्थर डंप के पास पहुंची। वहां पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में बैठे एक व्यक्ति को शराब पीते हुए देखा।
पूछताछ में उसने अपना नाम अनुप कुमार (उम्र 34 वर्ष), पिता- कृष्णा वर्मा, निवासी- कानगोई, मिहिजाम बताया। उसने खुद को जैप-05 देवघर का जवान दावा किया। जब पुलिस ने उससे आई-कार्ड (ID Card) मांगा, तो उसके दिए गए पहचान पत्र में नियुक्ति तिथि और जन्म तिथि में भारी अंतर पाया गया।
धनबाद से खरीदी थी वर्दी, कड़ाई से पूछताछ में उगला सच
आई-कार्ड में गड़बड़ी देखकर जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपी टूट गया। उसने स्वीकार किया कि उसने धनबाद से पुलिस की वर्दी खरीदी थी और फर्जी आई-कार्ड बनवाया था। वह पुलिस का रौब दिखाकर लोगों को डराने, धमकाने और अवैध वसूली का काम करता था।
क्राइम हिस्ट्री: पहले भी दर्ज हैं गंभीर मामले
गिरफ्तार आरोपी अनुप कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ चितरंजन थाना में साल 2014 में कांड संख्या 13/2014 के तहत दहेज उत्पीड़न (498A), मारपीट (323), अमानत में खयानत (406), जान से मारने की धमकी (506 IPC) और दहेज निषेध अधिनियम (DP Act) के तहत मामला दर्ज है।
