निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । किसानों की सुविधा के लिए कराया गया तालाब जीर्णोद्धार अब उनके लिए परेशानी का कारण बन गया है। नारायणपुर बाजार स्थित महतो (बड़ा) तालाब की खुदाई और जीर्णोद्धार के दौरान निकाली गई मिट्टी को आसपास के रैयती खेतों में डाल दिए जाने से जल निकासी बाधित हो गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे कई खेत जलमग्न हो गए हैं और किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि कृषि हित में बनाए जाने वाले ऐसे तालाबों का उद्देश्य सिंचाई सुविधा बढ़ाना होता है, लेकिन लापरवाही के कारण इसका उल्टा असर देखने को मिल रहा है। खेतों में पानी जमा रहने और मिट्टी के ऊंचे ढेर बनने से जुताई का कार्य भी प्रभावित हो गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में लघु सिंचाई विभाग द्वारा नारायणपुर बाजार के बड़ा तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने किया था। इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना था, ताकि उन्हें खेती के लिए पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। लेकिन संवेदक की कथित लापरवाही के कारण तालाब से निकाली गई मिट्टी खेतों में छोड़ दी गई, जिससे जल निकासी का रास्ता बंद हो गया । स्थानीय किसान केदार मंडल ने बताया कि खेत में मिट्टी का बड़ा ढेर होने के कारण अब तक जुताई नहीं हो सकी है। खेतों में पानी भरा हुआ है, जिससे धान की रोपाई समय पर होना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द खेतों से मिट्टी हटाकर जमीन को समतल करने तथा जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि किसान समय पर खेती का कार्य शुरू कर सकें। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो इस वर्ष उनकी फसल पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
