निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । झारखण्ड में लंबे समय से पेसा कानून की नियमावली लागू करने की उठ रही मांग पर अब विराम लग गया है। राज्य सरकार के पंचायती राज विभाग ने 2 जनवरी को पेसा नियमावली से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही पेसा कानून झारखण्ड में औपचारिक रूप से लागू हो गया है।
जारी अधिसूचना में पेसा नियमावली के प्रावधानों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। साथ ही ग्राम सभा को अधिक सशक्त और उसके कामकाज को आसान बनाने की दिशा में विशेष पहल की गई है। पेसा नियमावली के लागू होने से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ग्राम सभा की भूमिका और अधिकार और मजबूत होंगे। पेसा एक्ट की अधिसूचना जारी होने के बाद झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। इसी खुशी के इजहार के तौर पर आज जामताड़ा स्थित जेएमएम जिला कार्यालय से एक भव्य रैली निकाली गई। रैली ने नगर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण किया, जिसमें हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सामाजिक लोग भी शामिल हुए। नगर भ्रमण के दौरान नगर में स्थित भगवान बिरसा मुंडा, शिद्धु कानू की मूर्ति पर माल्यार्पण करते हुए कार्यकर्ताओं ने सरकार के समर्थन में नारे लगाए और पेसा कानून लागू होने को जनहित में लिया गया बड़ा निर्णय बताया। रैली की अध्यक्षता जेएमएम जिलाध्यक्ष नरेन्द्र मुर्मू ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली का लागू होना झारखण्ड के आदिवासी समाज के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इससे ग्राम सभा को वास्तविक अधिकार मिलेंगे और स्थानीय संसाधनों पर स्थानीय लोगों का नियंत्रण सुनिश्चित होगा। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

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