रामावतार स्वर्णकार
इचाक: अलौंजा कला के ग्रामीणों ने बुधवार की शाम एक हिरण के बच्चा को जीवित पकड़ा। ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा हिरण का बच्चा संध्या को बालेश्वर मेहता के घर में अचानक घुस गया। हिरण बच्चा के घर में प्रवेश करने पर बच्चे हल्ला गुल्ला करने लगे। जिसे सुनकर पड़ोस के लोग जमा हुए और हिरण के बच्चे को सावधानी पूर्वक पकड़ लिया। जिसके बाद मुखिया सिकंदर प्रसाद मेहता को सूचना दी गई। मुखिया ने तत्काल बालेश्वर मेहता के घर पहुंच गए वन कर्मियों को सूचना दिया। जिसके बाद वन कर्मियों का रेस्क्यू टीम अलौंजा कला गांव पहुंचकर हिरण के बच्चे को रेस्क्यू करते हुए पशु चिकित्सालय हजारीबाग में ले जाकर इलाज कराया। जिसे बाद में नेशनल पार्क वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।

मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष सकेंद्र प्रसाद मेहता ने बताया कि गांव से सटे जंगल होने के कारण हिरण का बच्चा साथियों से बिछड़ कर गांव की ओर आ गया । वन क्षेत्र से सटे गांव होने के कारण गांव में आए दिन जंगली जानवरों आना जाना लगा रहता है। कभी कभी हिंसक जानवर भी ग्रामीणों को नुकसान पहुंचाने से बाज नहीं आते। 4 वर्ष एक लकड़बग्घे ने खेत में काम कर रही महिला पर हमला कर दिया था। जिससे महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी । दूसरी घटना अलौंजा खुर्द गांव मे एक माह पूर्व एक महिला को हमला कर घायल कर दिया था। इससे और घातक पशु गांव आते जाते रहता है इस बात को लेकर ग्रामीण दहशत में है।

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