विश्वजीत चटर्जी

जोरापोखर । भौरा ओपी क्षेत्र अंतर्गत जहाजटांड़ स्थित दामोदर नदी किनारे बंद पड़े रोपवे के टावर, रस्से, डोली तथा अन्य ढांचों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस गतिविधि का विरोध करते हुए पूरे मामले का खुलासा किया। विरोध के दौरान ग्रामीणों और स्थानीय पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों के अनुसार, रोपवे के लोहे की कटाई में लगे दर्जनों लोग मौके से गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, रस्से तथा अन्य उपकरण छोड़कर फरार हो गए। दामोदर नदी किनारे रोपवे के कटे हुए लोहे के टुकड़े बिखरे पड़े हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 30 से 40 लाख रुपये बताई जा रही है। ग्रामीणों ने कटे हुए लोहे को जब्त करने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने स्थानीय पुलिस पर आरोप लगाया है कि विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकाया गया और झूठे मुकदमों में फंसाने की चेतावनी भी दी गई।


ग्रामीणों का कहना है कि जहाजटांड़ एवं दामोदर नदी के भीतर स्थित रोपवे के कई टावर, रस्से और डोलियां करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति हैं। आरोप है कि लोहा चोर लंबे समय से दिन-रात गैस कटर से इन संरचनाओं की कटाई कर रहे हैं। कई बार विरोध के बावजूद यह अवैध कार्य जारी रहा। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि टावर और रस्सों की कटाई से आसपास के लोगों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता है।
ग्रामीण खेमलाल महतो ने बीडीओ को दिए गए आवेदन में बताया कि सोमवार सुबह लगभग चार बजे 20 से 25 लोग रोपवे का लोहा काट रहे थे। कटाई के लिए गैस कटर एवं सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा था।
मामले की सूचना मिलने पर भौरा सीआईएसएफ ने मौके से 8 ऑक्सीजन सिलेंडर और 4 एलपीजी सिलेंडर जब्त कर पूर्वी झरिया क्षेत्र प्रबंधन को सौंप दिया। बताया गया है कि क्षेत्र की महाप्रबंधक टी. पासवान के निर्देश पर उक्त सामान जब्त किया गया।

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