योग और आयुर्वेद हमारी प्राचीन परंपरा- बटेश्वर मेहता
रामावतार स्वर्णकार
इचाक: पतंजलि योगपीठ एवं भारत स्वाभिमान के बैनर तले प्रखंड के जीएम इन्टर कॉलेज में बुधवार को सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां योग शिक्षक डॉ. प्रमोद कुमार व डॉ. कौशल कुमार मेहता के मार्गदर्शन में लोगों में आयुष मंत्रालय द्वारा जारी प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास किया। मुख्य अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता बटेश्वर मेहता ने कहा कि योग और आयुर्वेद हमारी परंपरा रही है। भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति योग और आयुर्वेद का दुनिया लोहा मानती है। और आज हमारा देश पूरे विश्व का प्रतिनिधित्व कर रहा है यह हमारे लिए गौरव की बात है। महाविद्यालय के सचिव विनय कुमार ने कहा योग प्राचीन भारत से उत्पन्न केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है बल्कि एक समग्र अभ्यास है जो मन, शरीर और आत्मा को एकाग्र करता है।
योग का वर्गीकरण चार भागों में किया गया है जिसमें कर्मयोग, ज्ञान योग, भक्ति योग और क्रिया योग शामिल है। योगी क्रियाएं हमारे जीवन को निरोग बनाने में मददगार है किसी भी मनुष्य को नियमित योग करने से किसी भी प्रकार के लंबी शारीरिक और मानसिक बीमारी से मुक्ति पाई जा सकती है। योग वह औषधि है जो ब्रह्मांड की किसी भी बीमारी को ठीक करने की शक्ति रखती है यह न केवल हमें शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है बल्कि हमारे मन और आत्मा को भी शांत करता है। महाविद्यालय प्रभारी पंकज कुमार ने कहा कि योग वास्तव में मानव मन और आत्मा की अनंत संभावनाओं को प्रकट करने के इस गहन विज्ञान का सतही पहलू है, यह हमें सिखाता है कि कैसे हम अपनी सांसो पर नियंत्रण पा कर अपने शरीर में चमत्कार कर सकते हैं।
मौके पर पंडित रविशंकर, आदर्श युवा संगठन के अध्यक्ष गौतम कुमार, मनोज कुमार, मुकेश उर्फ गोविंदा, सुमित सागर, महेश भाई, रवि सिंह, शिक्षक रत्नेश कुमार अजीत हंसदा, दीपक प्रसाद,आशीष पांडे, रियाज अहमद, प्रन्नत कुमार, राजकुमार दास, प्रिया कुमारी, राजकुमार सिन्हा, सुनीता टोप्पो, ललिता देवी संजय प्रजापति, सुनील सिंह समेत पुरा महाविद्यालय परिवार और आसपास के योगप्रेमी मौजुद थे।
