निशिकान्त मिस्त्री
जामताड़ा । जन संघर्ष मंच जामताड़ा के माध्यम से जामताड़ा रेलवे स्टेशन प्रबंधक को महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे, कोलकाता एवं मंडल रेल प्रबंधक, पूर्व रेलवे, आसनसोल के नाम से ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही प्रतिनिधि मंडल उपायुक्त जामताड़ा एवं अनुमंडल पदाधिकारी जामताड़ा को भी ज्ञापन सौंपा गया है। मौके पर मुख्य रूप से लोकप्रिय नेता जामताड़ा के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल उपस्थित हुए। इस मांग पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि बी क्लास रैयती जमीन पर रेलवे प्रशासन द्वारा जबरन बाउंड्री वॉल बनाने के लिए पिलर गाड़ा जा रहा है। दुकान एवं घर खाली करने का विज्ञप्ति भी जारी किया जा रहा है।
जिसे रोकने हेतु त्वरित कार्रवाई करने के लिए जन संघर्ष मंच द्वारा 15 दिन पुर्व रेलवे को अंतिम चेतावनी दी गई थी। अगर 15 दिनों के अंदर रेलवे द्वारा त्वरित कार्रवाई नहीं की जाती है तो जन संघर्ष मंच हजारों की संख्या में महिला पुरुष रेलवे स्टेशन पर उपस्थित होकर महाधरना का आयोजन करने पर बाध्य होगी। आवेदन देने के पश्चात भी रेलवे द्वारा बी क्लास रेती जमीन पर जबरन बाउंड्री वॉल बनाना बंद नहीं किया गया। इस कारण आज निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत जन संघर्ष मंच के तत्वाधान में हम लोगों ने जामताड़ा रेलवे स्टेशन प्रबंधक के माध्यम से रेलवे के सभी कंसर्निंग अथॉरिटी को मांग पत्र भेजा है।
जन संघर्ष मंच आगामी 12 सितंबर सोमवार, सुबह 9:00 बजे रेलवे स्टेशन डाउन प्लेटफॉर्म स्टेशन प्रबंधक कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय महाधरना का आयोजन किया जाएगा। बी क्लास रैयती जमीन रेलवे की नहीं है। बिहार लैंड एक्वीजिसन मैन्युअल, बिहार लैंड एक्वीजिसन 1894, बिहार एंड उड़ीसा लैंड एक्वीजिसन 1928 एवं गैंजर रिपोर्ट में भी स्पष्ट रूप से उल्लेखित है की बी क्लास रैयती जमीन रेलवे की नहीं है। सभी तथ्यों को संलग्न कर आवेदन दिया गया है। अगर रेलवे आगामी महाधरना के बाद भी अवैध कार्य को नहीं रोकती है तो आगामी महाधरना के एक सप्ताह के अंदर हजारों की संख्या में जन संघर्ष मंच द्वारा रेलवे का चक्का जाम भी किया जाएगा।
वीरेंद्र मंडल ने मौके पर रेलवे प्रबंधन से रेलवे द्वारा रैयतों को दी गई नोटिस को वापस लेने का मांग किया। इस बीच जामताड़ा नगर पंचायत द्वारा रेलवे को नोटिस जारी करते हुए रेलवे से बी क्लास भूमि संबंधित वैध कागजात उपलब्ध कराने को कहा गया। मौके पर पशुपतिनाथ देव, जयप्रकाश अंबष्ट, मनोज सिंह, सोमनाथ सिंह, प्रताप सिंह, रंजीत प्रसाद यादव, प्रभास हेंब्रम, पिंटू सिंह, मुकेश सिंह, सुधीर मंडल, पिंटू मंडल, शहजाद खान, मुकेश सिंह, सुखदेव राणा सहित अन्य गणमान्य अधिवक्ता गण एवं जन संघर्ष मंच के सदस्य उपस्थित थे।
