नहीं रहे छबेलवा वन महोत्सव के संस्थापक बिरजू मेहता, क्षेत्र में पसरा मातम
शोक सभा में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
रामावतार स्वर्णकार
इचाक । छबेलवा वन महोत्सव के सूत्रधार, एसडी मेमोरियल पब्लिक स्कूल के संस्थापक, महान शिक्षाविद, पर्यावरणविद, समाजसेवी एवं शिक्षक जीतेश्वर प्रसाद मेहता उर्फ जेपी मेहता उर्फ बिरजू मेहता (उम्र करीब 58 वर्ष)के असामयिक निधन बुधवार की शाम चंडीगढ़ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया। वे लंबे समय से किडनी की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। एसडी मेमोरियल पब्लिक स्कूल के प्राचार्य और स्व. बिरजू मेहता का भांजा अभिषेक कुमार ने बताया कि पार्थिव शरीर देर रात तक करियातपुर स्थित उनके पैतृक आवास लाया जाएगा। अंतिम संस्कार शुक्रवार को 11 बजे गांव के मुक्ति धाम में किया जायेगा। बिरजू मेहता के असामयिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे जीवनपर्यन्त शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े रहे। पेड़ बचाने को लेकर लोगों को जागरूक किया प्रत्येक माह के एक तारीख को पेड़ों में रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें बचाने का संकल्प लेना उनकी दिनचर्या में शामिल था। साथ ही उन्होंने ओबीसी परिवार के हक की आवाज को भी बुलंद किया। वरिष्ठ नेता बटेश्वर मेहता ने कहा कि बिरजू मेहता समाज के युग पुरुष थे उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि स्व. जीतेश्वर प्रसाद मेहता ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के लिए आजीवन कार्य किया। छबेलवा वन महोत्सव के माध्यम से उन्होंने वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को प्रेरित करने का कार्य किया, जिसे क्षेत्रवासी हमेशा याद रखेंगे।
शोकसभा में उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उनका निधन शिक्षा, समाज सेवा एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। सभा में उपस्थित लोगों ने उनके अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके आदर्शों का अनुसरण करने का संकल्प भी लिया।
