निशिकांत मिस्त्र

जामताड़ा । नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में जामताड़ा की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने पोक्सो एक्ट के तहत दोषी पाए गए लखन राणा और रणजीत कोल को यह सजा सुनाई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। सभी तथ्यों को सही पाते हुए न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।

ये है मामला,,,,
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 नवंबर 2024 को मिहिजाम थाना क्षेत्र में आरोपित लखन राणा पीड़िता के घर पहुंचा और उसकी मां से कहा कि उनकी बकरी को झाड़ी में कुत्ते ने काट लिया है। इस पर पीड़िता की मां ने अपनी नाबालिग पुत्री को उसके साथ भेज दिया।
आरोप है कि जब पीड़िता झाड़ी के पास पहुंची तो वहां पहले से मौजूद रणजीत कोल ने उसके कपड़े फाड़ दिए और दुपट्टे से उसका मुंह बांध दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने बीयर की बोतल तोड़कर कांच के टुकड़े से उसके हाथ की नस काट दी तथा जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद दोनों आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता की मां की शिकायत पर मिहिजाम थाना में मामला दर्ज किया गया था।
अदालत ने सुनाई कड़ी सजा,,,,,
अदालत ने दोनों दोषियों को पोक्सो एक्ट के तहत 20-20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों के मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

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