निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । आइये दिखाते हैं , बालू माफिया का दुस्साहस किस कदर सर चढ़ कर बोल रहा है, नदियों से बालू चोरी कर मनमाने तरीके से बाजारों में बेचकर चांदी काट रहे हैं और जब प्रशासन कारवाई पर उतरी तो अपना वर्चस्व को दिखाने के लिए प्रशासन पर हावी हो गया। अब उन्हें कानून और प्रशासन का रत्ती भर भी खौफ नहीं रहा। ताजा मामला जामताड़ा के सुभाष चौक का है, जहाँ अवैध बालू के खिलाफ छापेमारी करने पहुंचे माइनिंग इंस्पेक्टर की टीम के सामने ही माफिया चुनौती देते हुए जब्त गाड़ियां लेकर फरार हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, माइनिंग इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार सुभाष चौक पर अवैध बालू के विरुद्ध जांच अभियान चला रहे थे। इसी दौरान अवैध बालू से लदे दो ट्रैक्टरों को रोका गया। कागजात न होने पर अधिकारी ने जैसे ही गाड़ियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की तो माफिया और उनके समर्थकों ने दबंगई दिखाते हुए अधिकारी के चंगुल से दोनों ट्रैक्टरों को छुड़ा लिया और मौके से फरार हो गए। इस दुस्साहस के बाद माइनिंग इंस्पेक्टर ने जामताड़ा थाना में लिखित आवेदन दिया है। पुलिस ने ट्रैक्टर मालिक मानिक पंडित, जीतन मंडल और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कांड संख्या 35/26 दर्ज की है। इन पर अवैध खनन के साथ-साथ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। वहीं भले ही कागजों पर कार्रवाई हो रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। अजय नदी के विभिन्न घाटों और बरबेदिया पुल के पास नौकाओं के जरिए दिन-दहाड़े बालू का अवैध उत्खनन जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध बालू से लदे ट्रैक्टर जामताड़ा थाना के मुख्य गेट के सामने से गुजरते हैं, फिर भी उन पर कार्रवाई नहीं होती।सुबह होते ही अवैध कारोबार का खेल शुरू हो जाता है, जिससे विभाग और माफिया के बीच गहरी मिलीभगत की बू आती है। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है, लेकिन इस घटना ने जिले में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक इकबाल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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