निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । मानवी मार्शल क्लब गोदलीपाहड़ी स्थित जाहेर थान में आदिवासी समाज के प्रमुख पर्व बाहा पर्व का आयोजन पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इस अवसर पर गांव के लोगों ने एकत्र होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रकृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। पूजा-अर्चना में मुख्य रूप से नाईकी गिरीस सोरेन, कुडम नाईकी मैनेजर सोरेन, मांझी बाबा बीबीलाल सोरेन, पौराणिक वीरेंद्र हेंब्रम, मुखिया जोसेफ मुर्मू, ओफिसर सोरेन सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से साल वृक्ष के नए पुष्प का पूजन किया, जो इस पर्व का प्रमुख अनुष्ठान माना जाता है। मौके पर उपस्थित लोगों ने बताया कि बाहा पर्व आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण त्योहार है, जो नए वर्ष के आगमन का प्रतीक है। इस पर्व के माध्यम से प्रकृति, पेड़-पौधों और पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया जाता है। साल वृक्ष के नए फूलों की पूजा कर लोग प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। कमेटी की ओर से पारंपरिक आदिवासी नृत्य का आयोजन किया गया, जिसमें युवक-युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर हिस्सा लिया। मांदर, ढोल और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर प्रस्तुत किए गए गीत और नृत्य ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। दर्शक भी इस प्रस्तुति से काफी उत्साहित नजर आए और तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। पूरे आयोजन के दौरान सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत की झलक साफ देखने को मिली। ग्रामीणों ने मिलजुलकर इस पर्व को मनाया और अपनी परंपराओं को सहेजने का संकल्प लिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
