झरिया । रविवार को झरिया थाना क्षेत्र के बस्ताकोला स्थित महेश अग्रवाल के घर मे सिलेंडर ब्लास्ट के बाद भीषण आग लगने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आग बीचाली और लकड़ी के गोदाम में लगी, जिसने देखते ही देखते भयावह रूप ले लिया । हादसे में तीन लोगों के झुलसने की सूचना मिल रही है, जिसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल भेज दिया गया है, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए धनबाद के SNMMCH अस्पताल भेज दिया गया है । जानकारी के अनुसार जिस भवन में आग लगी है उसका संचालन महेश अग्रवाल द्वारा किया जाता है। इसी परिसर में स्थित जगदंबा फर्नीचर तक भी आग की लपटें पहुंच गईं। हालांकि फर्नीचर शोरूम को कितना नुकसान हुआ है, इसका सही आकलन अभी नहीं हो पाया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक सिलेंडर में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। गोदाम में बड़ी मात्रा में बीचाली और लकड़ी रखी होने के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। इस हादसे में महेश अग्रवाल के छोटे बेटे राज कुमार अग्रवाल झुलस गए, उन्हें तुरंत इलाज के लिए SNMMCH अस्पताल ले जाया गया है । घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गई है। अग्निशमन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को आसपास के अन्य भवनों तक फैलने से रोक दिया। इस दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके से सैंकड़ो लीटर पेट्रोल और डीजल बरामद किया है। अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक जांच में सामने आया है कि परिसर में पहले से पेट्रोल-डीजल का अवैध भंडारण और कारोबार किया जा रहा था। बताया गया कि पानी की पाइपलाइन की जगह पेट्रोल और डीजल की पाइपलाइन सप्लाई को छत पर बने टंकी में पहुंचाने के लिए की जा रही थी, जिससे आग और भी खतरनाक रूप ले सकती थी। घटना के बाद से भवन संचालक महेश अग्रवाल मौके से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है। घटना की सूचना मिलते ही झरिया थाना प्रभारी शशि रंजन दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर हटाया और दमकल टीम के साथ मिलकर राहत कार्य में सहयोग किया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह घटना और भी बड़ी हो सकती थी। वही खबर लिखे जाने तक आग पर काबू पा लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है । वही खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है ।
