निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । जिले में पुलिस और प्रशासन का चेहरा एक बार फिर इंसानियत के उजले रंगों में सामने आया है। जिले के पुलिस अधीक्षक राज कुमार मेहता ने एक सड़क हादसे में घायल बुजुर्ग व्यक्ति की जान बचाकर न सिर्फ मानवता की मिसाल पेश की, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ कानून की नहीं, बल्कि करुणा की भी पहचान है। यह घटना गुरुवार की दोपहर की है जब एसपी राजकुमार मेहता अपने काफिले के साथ बागडेहरी थाना के निरीक्षण हेतु निकले थे। रास्ते में उन्हें सड़क किनारे एक भीड़ दिखाई दी। जैसे ही उनका काफिला वहां पहुंचा, उन्होंने देखा कि एक बुजुर्ग व्यक्ति खून से लथपथ हालत में घायल अवस्था में पड़े हैं। उनके सिर से लगातार खून बह रहा था। पुलिस अधीक्षक ने काफिला वहीं रुकवाया और स्वयं गाड़ी से उतरकर घायल व्यक्ति की हालत देखी। मौके पर कोई एंबुलेंस नहीं थी और स्थिति नाजुक बनती जा रही थी। ऐसे में एसपी ने तत्काल निर्णय लेते हुए अपनी एस्कॉर्ट गाड़ी से बुजुर्ग को कुंडहित हॉस्पिटल भिजवाया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, समय रहते घायल को हॉस्पिटल पहुंचा देने के कारण उनकी जान बच गई। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद आगे की जांच के लिए चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों ने बताया कि अगर थोड़ी और देर हो जाती, तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी।
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में पुलिस अधीक्षक की तत्परता और संवेदनशीलता की जमकर सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि अक्सर बड़े अधिकारी अपने काफिले में निकल जाते हैं, लेकिन एसपी मेहता ने जो किया, वह वास्तव में एक सच्चे जनसेवक का उदाहरण है। यह घटना सिर्फ एक जान बचाने की कहानी नहीं, बल्कि वर्दीधारियों की संवेदनशील छवि को सामने लाने वाला क्षण भी है। जामताड़ा के लोग इसे एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं कि उनका प्रशासन केवल कानून के रखवाले ही नहीं, बल्कि हर आपदा में सहारा भी हैं। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि जब संवेदना, सेवा और सतर्कता साथ चलती हैं, तो वर्दी जनविश्वास की प्रतीक बन जाती है। एसपी राज कुमार मेहता का यह कदम आने वाले अधिकारियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
