निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भाजपा की वरिष्ठ नेत्री बबीता झा ने एक प्रेरणादायी पहल करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत किया। उन्होंने हनुमान मंदिर के पुजारी संजय पंडित एवं ताइक्वांडो अकादमी के गुरु दीपक दुबे तथा उनके शिष्यों को सम्मानित कर समाज में गुरुओं के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय हनुमान मंदिर में हुई, जहाँ उन्होंने मंदिर के वरिष्ठ पुजारी पंडित संजय पंडित को शॉल ओढ़ाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संजय पंडित जैसे व्यक्तित्व समाज के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शक होते हैं, जिनकी शिक्षाएं और पूजा विधि आमजन को धर्म और संस्कृति से जोड़ती है। इसके पश्चात बबीता झा ताइक्वांडो अकादमी पहुँची, जहाँ उन्होंने अकादमी के प्रशिक्षक दीपक दुबे को सम्मानित किया। साथ ही अकादमी के उभरते हुए शिष्य-शिष्याओं को भी प्रोत्साहित करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किया। उन्होंने कहा कि दीपक दुबे जैसे युवा गुरु न केवल खेलों में अनुशासन सिखाते हैं, बल्कि बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, आत्मरक्षा और देशभक्ति की भावना भी भरते हैं। बबीता झा ने गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर जोर देते हुए कहा गुरु बिना ज्ञान की कल्पना नहीं की जा सकती। गुरु वह दीपक हैं जो अंधकार में रास्ता दिखाते हैं। भारत की संस्कृति में गुरु को भगवान से भी ऊपर स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी गुरुओं का समाज निर्माण में योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, चाहे वह धार्मिक गुरु हों, खेलों के प्रशिक्षक हों या शिक्षा जगत के मार्गदर्शक।
इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कार्यक्रम में लोगों ने बबीता झा की इस पहल की सराहना की और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
समारोह के अंत में सभी गुरुओं को पुष्पगुच्छ, शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार उनके गुरुओं ने उनके जीवन को सकारात्मक दिशा दी।
गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता को पुनः स्मरण कराने वाला था, जिसमें भाजपा नेत्री बबीता झा की सक्रिय भागीदारी ने इस पर्व को और भी विशेष बना दिया।
