निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । नगर की कुलदेवी माँ चंचला के द्वादश त्रिदिवसीय वार्षिक महोत्सव के उपलक्ष्य में कल ऐतिहासिक और भव्य माँ चंचला कलश शोभा यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन से पूर्व आज मंदिर प्रांगण में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश पूजन अनुष्ठान संपन्न हुआ। मुख्य यजमान के रूप में वीरेंद्र मंडल ने अनुष्ठान में भाग लिया। इस अवसर पर महोत्सव समिति और भक्तों ने 25000 से अधिक कलश को जल से भरकर भव्य रूप से सजाया। 16 जनवरी को शोभा यात्रा में 25000 माताएँ और बहनें अपने माथे पर कलश उठाकर शामिल होंगी, अनुमान है कि 50000 से अधिक श्रद्धालु इसमें भाग लेंगे। महोत्सव समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल ने बताया कि जामताड़ा को पूरी तरह से धार्मिक नगरी के रूप में सजाया गया है। भक्तिपूर्ण वातावरण में शहर झूम रहा है। आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। कल सुबह 8 बजे माँ चंचला मंदिर प्रांगण से भव्य कलश शोभा यात्रा प्रारंभ होगी।


यात्रा के दौरान यातायात पर रहेगा नियंत्रण
महोत्सव समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुबह 8 बजे से पहले मंदिर प्रांगण में पहुंचें और कतारबद्ध होकर शांति से कलश उठाएं। शोभा यात्रा के दौरान सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक अनावश्यक रूप से दोपहिया और चारपहिया वाहनों का उपयोग न करने का अनुरोध किया गया है। सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष प्रबंध भक्तों की सुरक्षा और सुविधा के लिए महोत्सव समिति ने मेडिकल सुविधाओं समेत सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं। समिति ने जामताड़ा के सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है, ताकि इस ऐतिहासिक शोभा यात्रा का आयोजन भव्यता और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। माँ चंचला महोत्सव अब न केवल जामताड़ा की धार्मिक पहचान बन चुका है, बल्कि राज्य का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन भी बन गया है।

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