निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । जामताड़ा सदर अस्पताल का निरीक्षण करने के लिए राज्य स्तरीय दो सदस्यीय टीम गुरुवार को पहुंची। जिसमें पवन कुमार, (परियोजना निर्देशक झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति) और डॉक्टर वीरेंद्र प्रसाद सिंह, (निर्देशक परिवार कल्याण योजना) शामिल थे। निरीक्षण टीमों के द्वारा सदर अस्पताल के सभी वार्ड में जाकर वहां के वास्तु स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही मरीज से भी इलाज की जानकारी प्राप्त किए। वही निरीक्षण के क्रम में रजिस्ट्रेशन शुल्क राशि गवन का मामला भी सामने आया है। निदेशक पवन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर करने के लिए संकल्पित है। लोगों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसका ध्यान रखना है। स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर के लिए निरीक्षण कर रिपोर्ट एम्स देवघर को भेजा जाएगा।
उन्होंने निरीक्षण के दौरान कहां कि जिसको लेकर कमिश्नरी वाइज स्टेट टीम का गठन किया गया है। दो चरणों में स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर किया जाएगा। टीमों के द्वारा सभी जिले में जाकर सदर अस्पतालों का निरीक्षण कर वहां की वस्तु स्थिति का जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। सदर अस्पताल जामताड़ा में उपलब्ध व्यवस्था का अवलोकन कर और बेहतर कैसे किया जाए। इसका रिपोर्ट तैयार कर एम्स देवघर को भेजा जाएगा। इसके बाद एम्स के टीम के द्वारा आकर फिर से निरीक्षण कर बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था को कैसे किया जाए। इसका रिपोर्ट राज्य सरकार को भेनेगा। जिसके बाद राज्य सरकार के द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का व्यवस्था करेगी। वहीं उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल जामताड़ा में मैन पावर की कमी है। डॉक्टर, फार्मासिस्ट और सभी स्तर में मैन पावर की कमी है। उस रिक्तियों को अति शीघ्र पूरा किया जाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि जांच के क्रम में पाया गया है कि लाखों रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क राशि का गबन किया गया है।
जिसको लेकर उन्होंने सिविल सर्जन और डीएस को निर्देश दिया है कि इस संबंध में संबंधितों के ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाये साथ ही राशि का भी वसूली की जाये। इसका रिपोर्ट भी किया जाएगा। वहीं बीते दिनों कर्माटांड़ थाना क्षेत्र में पहाड़िया समुदाय के व्यक्तियों की मृत्यु पर उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कर संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि सदर अस्पताल में नई व्यवस्था के तहत 28.9. 2023 से रजिस्ट्रेशन शुल्क ₹10 लिए जा रहे हैं। 28.9 2023 से 26. 9. 2024 तक एक बार 34,800 और 61,060 रुपये बैंक में जमा किया गया है। वहीं हॉस्पिटल मैनेजर डॉ पंकज कुमार ने कहा कि कंप्यूटर ऑपरेटरो के द्वारा मुझे रजिस्ट्रेशन शुल्क राशि नहीं दी गई है। मेरे ऊपर झूठा आरोप लगाया जा रहा है।
