सभी रंगों का अपना महत्व और उद्देश्य, इसे अपने जीवन में आत्मसात करें : उमेश प्रताप
रामावतार स्वर्णकार
इचाक: फेस्टिवल ऑफ लाईट दीपावली के अवसर पर प्रखंड के कैंपियन बेसिक एकेडमी में गुरुवार को रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें क्लास एक से 10 तक के छात्र छात्राओं ने दो ग्रुप में भाग लिया। क्लास 1से 5 को ग्रुप ‘ए’ और क्लास 6 से 10 को ग्रुप ‘बी’ में बांटा गया था। प्रतियोगिता में दोनो ग्रुप के बच्चों ने रंगोली के विभिन्न थीम फेस्टिवल ऑफ लाईट, दीपावली, आदित्य एल वन, वर्ल्ड कप इण्डिया, यूनिटी इन डायवर्सिटी, फेस्टिवल ऑफ कलर्स, वूमेन इंपावरमेंट और हाउस डेकोरेशन, नेशनल बर्ड पिकॉक, सर्वे भवन्तु सुखिन जैसे थीम पर एक से बढ़कर एक रंगोली बनाकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। निर्णायक की भूमिका में प्रेस क्लब हजारीबाग के अध्यक्ष उमेश प्रताप, झारखन्ड ग्रामीण बैंक इचाक के शाखा प्रबंधक प्रहलाद कुमार, गूंज संस्था दिल्ली से अजीत कुमार, पत्रकार अभिषेक कुमार, रामावतार स्वर्णकार, रणजीत कुमार ने निभाई। उन्होने प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ग्रुप ए का प्रथम पुरस्कार क्लास 1 ‘ए'(फेस्टिवल ऑफ लाईट), द्वितीय पुरस्कार क्लास 4 ( पिकॉक) और तृतीय पुरस्कार क्लास 3 ‘बी’ (हैप्पी दिवाली) को दिया, वहीं ग्रुप बी में प्रथम पुरस्कार क्लास 8 (वूमेन इंपावरमेंट), द्वितीय पुरस्कार क्लास 6 ‘ए’ ((यूनिटी ऑफ डायवर्सिटी) तथा तृतीय पुरस्कार क्लास 7 (वर्ल्ड कप इण्डिया) को दिया। प्रेस क्लब हजारीबाग के अध्यक्ष उमेश प्रताप ने बच्चों के उम्दा प्रदर्शन पर उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कहा कि सुख और समृद्धि का प्रतीक रंगोली के सभी रंगों का अपना महत्व और उद्देश्य है। हमें इसे अपने जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है। संस्था मानव विकास के सचिव बीरबल मेहता ने कहा कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ साथ प्रतियोगिता कार्यक्रम होने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है। ग्रामीण बैंक के प्रबंधक प्रहलाद कुमार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों का मानसिक विकास होता है। प्राचार्या सुरभि वर्मा ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी वहां की सभ्यता और संस्कृति होती है। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चे अपनी परंपरा से जुड़े रहते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय प्रबंधक मदन कुमार, शिक्षक रंजित कुमार शर्मा, आरिफ हुसैन, सुजीत कुमार, सोनी कुमारी, स्मिता कुमारी, रजनी मेहता, सत्येंद्र कुमार, रजा आलम, विवेक कुमार पाण्डेय समेत पूरे विद्यालय परिवार की भूमिका अहम रही।
