निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । आज मिहिजाम के इंदिरा चौक पर जन सेवा पार्टी का रेलवे के खिलाफ धरना प्रदर्शन संपन्न हुआ।
इस धारणा प्रदर्शन में मुख्य रूप से पार्टी के संयोजक राकेश लाल उपस्थित थे। कार्यकर्म में लोग काफी संख्या में उपस्थित रहे। धरना प्रदर्शन में वक्ताओं ने रेलवे के खिलाफ खुल कर भड़ास निकाली।मो रियाज आलम, जितेन मंडल, अमित कुमार ने चित्तरंजन स्टेशन पर लम्बी दूरी के ट्रेनों का ठहराव कि मांग कि है। वहीं कार्यकर्म के मुख्य वक्ता राकेश लाल ने कहा कि वर्तमान में केंद्र सरकार गरीब विरोधी है, आम आदमी के बारे में सोचने के लिए अभी केंद्र के पास समय नहीं है।ये अमीरों कि पार्टी है अमीरों और पूंजीपतियों के बारे में सोचती है। आज हमलोग इस धरना प्रदर्शन के माध्यम से रेल प्रशासन से ये मांग करते हैं कि इस रूट से गुजरने वाली सभी लम्बी दूरी कि ट्रेनों का ठहराव चितरंजन स्टेशन पर सुनिश्चित किया जाए। हम रेलवे प्रशासन से मांग करते हैं कि पूर्व में चलने वाली तूफान एक्स, लालकिला एक्स, जनता एक्स, हावड़ा अमृतसर एक्स को पुनः चालू किया जाए। मिहिजाम के अंबेडकर नगर एवम कृष्णानगर स्थित रेलवे अंडरपास का चौड़ीकरण किया जाए। सप्ताह में एक दिन के लिए सियालदह अजमेर एक्स को चितरंजन हो कर चलाया जाए।
हम यह भी मांग करते हैं कि आसनसोल झाझा के बीच दो नया लोकल ट्रेन चलाया जाए। ट्रेनों में स्टूडेंट को एवम वरिष्ठ नागरिकों को रियायत दर पर यात्रा टिकेट उपलब्ध कराया जाए। चितरंजन स्टेशन एवम जामताड़ा स्टेशन पर कोच इंडिकेशन बोर्ड तथा इलेक्ट्रिक सीढ़ी लगाया जाए। लोकल ट्रेनों में दो महिला डब्बा दिया जाए।
वहीं राकेश लाल ने कहा कि हम विशेष रूप से यह भी रेल प्रशासन से मांग करते हैं कि हावड़ा के लिए आसनसोल से खुलने वाली अग्निबीना एक्स को चितरंजन या जामताड़ा से खोला जाए। बोदमा को हाल्ट घोषित कर पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव शुरू किया जाय।
अंत में राकेश लाल जी के नेतृत्व में जन सेवा पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने मिलकर चितरंजन स्टेशन मास्टर को मांग पत्र सौप कर कार्यकर्म को समाप्त किया।
कार्यकर्म के दरम्यान मिहिजाम पोलिस के साथ साथ आर पी एफ के जवान काफी संख्या में उपस्थित रहे।
वही जन सेवा पार्टी के तरफ से प्रमुख रुप से सोनू पांडेय, पवन देव रॉय, वीरेद्र शर्मा, रियाज आलम, जितेन मंडल, अमित गोराई, किशन लाल मिर्धा, दुलाल भंडारी, विनय पंडित, मुन्ना राम, कनैया पासवान, धरा मेहता, शामशा खातून, आमना खातून, रूकसाना खातून, हाजरा खातून के अलावा अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
