निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । जामताड़ा रेलवे स्टेशन एस आई आर. के पांडेय, आरक्षी आर के सिंह, मो तौफीक अंसारी एवं दिवाकर कुमार ड्यूटी के दौरान जसीडीह से 12334 डाउन (विभूति एक्सप्रेस) के स्लीपर कोच में एक संदिग्ध व्यक्ति पर नजर रखे हुए थे। जब उक्त ट्रेन मधुपुर स्टेशन के पीएफ नंबर 4 पर पहुंच रही थी तो देखा कि एक व्यक्ति संदिग्ध तरीके से खड़ा था और आर पी एफ को देखते ही वह चौंक गया और उसने मधुपुर में ट्रेन से उतरने की कोशिश की लेकिन उसे रोक लिया गया। संदिग्ध आधार पर उससे आरक्षित कोच में यात्रा करने के लिए कानूनी अधिकार प्रस्तुत करने के लिए कहा, लेकिन वह कोई कानूनी दस्तावेज या रेलवे टिकट प्रस्तुत करने में विफल रहा। उस व्यक्ति के पैकेट से एक पैटर्न लॉक काले रंग का रेडमी मोबाइल फोन मिला लेकिन उसने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया और पैटर्न लॉक नहीं खोल सका। वह मोबाइल फोन का कोई दस्तावेज भी नहीं दिखा सका।

इसके बाद संदिग्ध व्यक्ति को लेकर जामताड़ा स्टेशन पर उतर गये और आरपीएफ पोस्ट जामताड़ा आ गये। गहन पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए कबूल किया कि उक्त मोबाइल फोन उसने अज्ञात यात्री से चुराया था। पूछने पर उसने अपनी पहचान चरक राम, गिरिडीह के रूप में बताई। इसके बाद उक्त व्यक्ति को चोरी के मोबाइल फोन के साथ जीआरपीएस मधुपुर लाया गया। जिसे जीआरपी मधुपुर के द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

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