निशिकांत मिस्त्री

समाहरणालय परिसर से आज उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा शशि भूषण मेहरा ने बाल विवाह से आजादी अभियान हेतु जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

जामताड़ा । आज समाहरणालय परिसर से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा शशि भूषण मेहरा, उप विकास आयुक्त अनिलसन लकड़ा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ ने बाल विवाह से आजादी अभियान (बाल विवाह के विरुद्ध) हेतु जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया एवं हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उपायुक्त शशि भूषण मेहरा ने कहा बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है, इससे न सिर्फ पारिवारिक बल्कि शारीरिक एवं मानसिक रूप से बच्चियों को कष्ट सहना पड़ता है। इसका उन्मूलन अत्यंत जरूरी है, इसके लिए सभी के सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। आज बाल विवाह से आजादी को लेकर राज्यव्यापी एक दिवसीय जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को एक पूर्ण एवं जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में विकसित होने का अधिकार होता है, जो बाल विवाह से क्षत-विक्षत हो जाता है। कम उम्र में विवाह से संविधान द्वारा प्रदत्त शिक्षा के मौलिक अधिकार का हनन भी होता है, इसके कारण बहुत सारे बच्चे अनपढ़ और अकुशल रह जाते हैं। जिससे उनके सामने अच्छे रोजगार पाने और बड़े होने पर आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने सम्बन्धी चुनौती आ सकती है। बाल विवाह जैसी बुराई को दूर किये बगैर सशक्त समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। उपायुक्त ने आगे जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बनें, यह प्रण लें की कम उम्र में अपने बेटे बेटियों की शादी नहीं करेंगे, उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाएंगे, उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अच्छा मौका देंगे।

वहीं इस दौरान बताया गया कि जागरूकता रथ जिला अंतर्गत विभिन्न स्थानों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणाम को बताएगा। इस मौके पर उपरोक्त के अलावा जिला पंचायती राज पदाधिकारी विकास कुमार राय, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल विजय कुमार अग्रवाल, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार, डीपीएम जेएसएलपीएस, महिला पर्यवेक्षिका सहित अन्य संबंधित उपस्थित थे।

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