आदर्श पंचायत परासी के कुटुमसुकरी गांव का हाल

जर्जर मकान में रहने को मजबूर है उमा देवी का परिवार

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

रामावतार स्वर्णकार
इचाक । आदर्श पंचायत परासी के कुटुम सुकरी हरिजन मुहल्ला निवासी उमा देवी अपने 12 वर्षीय पुत्र और पति के साथ मिट्टी के वर्षों पुराने जर्जर मकान में रहते को अभिशप्त हैं। इस दो कमरे के मकान के अलावा उनके पास सर छुपाने के लिए एयर कोई जगह नहीं बचा है। पिछ्ले दिनों हुए भारी बारिश में घर के दीवार जहां तहां बैठ गया है, तो कहीं कहीं झुक गया है। छप्पर को टिकाए रखने के लिए घर में जहां तहां बांस और लकड़ी की बल्ली का सहारा दिया गया है। वहीं बाहर से प्लास्टिक के सहारे दीवार को बचाने की जद्दोजहद जारी है। ऐसे में किसी बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। उमा देवी ने बताया कि हमारे पास अब एक खाट बिछाने का भी जगह नहीं बचा। बरसात में छप्पर से हर जगह पानी टपकता रहता है।

जिसे निकालने के लिए रात भर जगना पड़ता है। उन्होने बताया कि अपने घर की स्थिति से स्थानीय मुखिया को कई बार अवगत कराया। लेकिन गरीब का सुननेवाला कोई नहीं। उमा देवी के पति रघु रविदास प्रतिदिन हजारीबाग मजदूरी करने जाते हैं। आर्थिक तंगी के कारण घर बनाने में सक्षम नहीं है। इस सम्बन्ध में परासी पंचायत के मुखिया अशोक कप्परदार से बात करने की कोशिश की गई पर संपर्क नहीं हो पाया। बताते चलें कि आदर्श पंचायत परासी को वर्ष 2015 में तत्कालीन लोक सभा सांसद प्रो. रविन्द्र रॉय के द्वारा गोद लिया गया था। जहां पञ्चायत के हर गांव मुहल्ले में बिजली, पानी, बेहतर सड़क, शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था के अलावा हर जरूरतमंद को चिन्हित कर आवास उपलब्ध कराना था, ताकि पंचायत हर दृष्टिकोण से सुविधा संपन्न हो और हर ग्रामीण खुशहाल रहे। लेकिन उमा देवी के जर्जर आवास ने आदर्श पंचायत के हकीकत को उजागर कर दिया है।

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