राजेश दुबे विष्णुगढ़ से
विष्णुगढ़ । विष्णुगढ़ प्रखंड के जोबर पंचायत भवन परिसर के मैदान में सोमवार को भव्य रूप से करम महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के सदस्यों के द्वारा करम देवता की पूजा अर्चना की गई इसके पश्चात अखाड़े में करमैतियों द्वारा जगाया गया। ढोल ,मांदर एवं नगाड़े की थाप पर झूमर नृत्य किया गया। जिसमें उंचाघाना ,खरकी , सिमरबेड़ा , एवं अन्ना हजारे गोनियाटो पेंक की टीम समेत अन्य झूमर प्रतिभागियों ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष जयराम महतो के पहुंचते हीं चारों ओर टाइगर जयराम महतो जिन्दाबाद के नारे लगने लगे। भारी भीड़ को संबोधित करते हुए जयराम महतो ने कहा कि करम का त्योहार झारखंड वासियों का एक महत्वपूर्ण त्योहार है।
करम पर्व झारखंडियों की एक महत्वपूर्ण संस्कृति , भाषा , पहचान , एवं कला का त्योहार है। अपने पर्व को भूलने मिटने नहीं देना चाहिए। सभा में जयराम महतो ने सूबे की सरकार एवं केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया । कहा कि आरक्षण एवं 1932 का खतियान एवं भाषा की इस संघर्ष की लड़ाई में सभी ग्रामीणों का , प्रखंड वासियों का एवं राज्य वासियों का आशीर्वाद चाहिए। जयराम महतो ने आगे कहा कि अपनी माटी और हक एवं अधिकार के लिए सभी आगे आएं । कहा कि जब हम मुखिया चुन सकते हैं , यहां प्रमुख चुन सकते हैं , पंचायत समिति सदस्य को चुन सकते हैं तो फिर विधायक और सांसद क्यों नहीं। इसलिए मित्रों झारखंड की स्थापना 2000 ई० में हुई । झारखंड बने 23 साल हो गए ।आज भी झारखंडियों के हाथ में सत्ता की चाबी नहीं है। दोस्तों हजारीबाग , रांची , धनबाद , एवं चतरा समेत अन्य संसदीय क्षेत्र में झारखंडी सांसद नहीं हैं। इस पर भी बदलाव होना चाहिए , अपने हक एवं अधिकार के लिए 2024 में दूसरों के लिए झंडा नहीं ढोएं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए झारखंड भाषा खतियान संघर्ष समिति के हाथों को मजबूत करने का आह्वान किया । इस कार्यक्रम में सफल बनाने में मुख्य रूप से पूर्वी भाग जिला परिषद सदस्य सरजू पटेल , उमेश कुमार ,जीबाधन महतो , मुखिया चेतलाल महतो ,गुलाब महतो , सुशील कुमार महतो , माही पटेल , दामोदर महतो , एवं कैलाश महतो समेत झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के सदस्यों महत्वपूर्ण योगदान रहा।
