निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल कार्यालय में 16 ग्रुप के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। लेकिन ठेकेदारी में अपने वर्चस्व को लेकर टेंडर को प्रभावित करने का आरोप लगाया जा रहा है। दूसरे लफ्जों में यह कहे कि कहीं ना कहीं ठेकेदारी का अपराधीकरण शुरू हो गया है और इसके लिए संवेदकों की ओर से तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। वही एक संवेदक गौरी शंकर मंडल ने आरोप लगाया है कि जब वो टेंडर डालने आए तो दो अनजान सख्श ने उनसे बीओक्यू छीनकर फाड़ दिया। साथ ही टेंडर नहीं गिरने को लेकर चेतावनी दी और जान से मारने की भी बात कही। जबकि दूसरी ओर संवेदक की एक दूसरे समूह ने इस पूरे घटना को निराधार बताया। संवेदक नंदकिशोर मंडल ने कहा की कार्यालय में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

यह निराधार आरोप है। जबकि ठेकेदार संघ के अध्यक्ष का कहना है कि टेंडर को लेकर सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी और कार्यालय में हीं घटना घटी है। इसके लिए प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है। जबकि टेंडर खोल रहे सहायक अभियंता ने भी इस घटना को सिरे से इनकार किया है। कार्यालय के अंदर किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं घटी है। बहरहाल इसमें सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इस संदर्भ में ना कार्यालय और न संवेदक की ओर से पुलिस को किसी प्रकार की जानकारी दी गई है। जबकि टेंडर गिराने के लिए जो बक्से का इंतजाम किया गया था उस पर भी कुछ संवेदकों ने सवाल उठाया है।

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