रामावतार स्वर्णकार
इचाक । झारखंड सरकार द्वारा झारखंड के सुखाड़ ग्रस्त क्षेत्र की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजे जाने के बाद पहली बार केंद्र सरकार के पदाधिकारी इचाक क्षेत्र का दौरा किया। बुधवार को केंद्र से आए तीन सदस्यीय दल ने इचाक प्रखंड के बोंगा और गोबरबंदा पंचायत के गांवों का दौरा कर किसानों की समस्या से रूबरू हुए। उन्होनें यहां के परती (खाली) भूमि और फसल लगे भूमि का गहन निरीक्षण किया। और फसल में पानी की कमी को सही पाया। किसानों ने केंद्र, राज्य ओर जिला से आए पदाधिकारियों को प्रखंड में व्याप्त सिंचाई की समस्या से अवगत कराते हुए सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
कहा कि यहां के किसान सिंचाई के लिए प्रकृति पर निर्भर है। यहां की मुख्य फसल धान है। ऐसे में प्रति एकड़ बीस से पच्चीस हजार रुपए कर्ज लेकर धान का फसल लगाया। लेकिन वर्षा न होने के कारण फसलें बर्बाद हो गई। सिंचाई के लिए मनरेगा योजना के तहत मिलने वाले सुविधा काफ़ी नहीं है। यहां कोई उद्योग धंधे नही है। 80 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। रोजगार न मिलने के कारण युवा पलायन को मजबूर हैं। जांच के दौरान टीम ने किसानों की समस्याओं को सही पाया। और कृषको को आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव आपकी मदद करेगी।
जाँच टीम में मुख्य रूप से केंद्र सरकार के चावल विकास निदेशालय पटना के डॉ. मान सिंह, नीति आयोग के अनुसंधान पदाधिकारी एससी मीणा, कृषि और किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक करण चौधरी, राज्य से आए सामान्य कृषि निदेशालय रांची के उपनिदेशक मुकेश कुमार सिन्हा, सहायक कृषि निदेशक आशुतोष कुमार, जिला से आए जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार मिश्रा, जिला कृषि अभियंता विल्सन कुजुर, योजना मूल्यांकन पदाधिकारी राहुल कुमार महली, सहायक कृषि निदेशक निधिका रानी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी अनुज कुमार हेंब्रम, डॉ अलका कुमारी,
परियोजना निदेशक डॉ अनुरंजन कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता, प्रखंड कृषि पदाधिकारी विनोद कुमार रवि, राजस्व कर्मचारी मनोज कुमार, जिला परिषद सदस्य रेनू देवी सांसद प्रतिनिधि भागवत मेहता भाजपा के वरिष्ठ नेता बटेश्वर मेहता 20 सूत्री अध्यक्ष मनोहर राम प्रमुख प्रतिनिधि सिकंदर राम मुखिया उमेश मेहता और रंजित कुमार मेहता, जनसेवक माही लाकड़ा, इंदु शेखर बीटीएम पुष्पा कुमारी समेत दर्जनों किसान मौजूद थे।
