रामावतार स्वर्णकार
हजारीबाग । दारू प्रखंड के हरली स्थित बीडी जायसवाल झुमरा इंटर महाविद्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा प्राथमिक शिक्षा वर्ग के तहत कुल 145 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 7 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण का आज पांचवा दिन है। इस प्रशिक्षण का दिनचर्या कई समय सारणी में बंटा हुआ है जैसे सुबह का जागरण, अभ्यास कालांश , संघ स्थान ,सेवा कालांश, जलपान, स्नान, संवाद ,भोजन, विश्राम, चर्चा, संघ स्थान, बौद्धिक कालांश ,शिक्षार्थी सहभाग, भोजन, शांति पाठ एवं दीप विसर्जन।

भारत को विश्व पटल पर पुनः स्थापित एवं भारत को परम वैभव के शिखर तक पहुंचाने के लिए राष्ट्र वादियों की टोली इस प्रशिक्षण में तैयार की जाती है एवं इस निमित्त स्वयं सेवकों के शारीरिक ,मानसिक एवं बौद्धिक विकास को ध्यान में रखते हुवे इन्हें प्रशिक्षित किया जाता है। इसी के तहत परम पवित्र भगवा ध्वज पर बौद्धिक देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हजारीबाग विभाग के सह विभाग कार्यवाह श्री प्रदीप प्रसाद ने कहा की भगवा शब्द भग धातु से बना है , जिसका अर्थ यस,कृति ज्ञान ऐश्वर्य, एवं त्याग होता है ।

यह भगवा ध्वज हमारी संस्कृति का हिस्सा है और साथ ही साथ यह पूरे देश को एक सूत्र में बांधने का भी काम कर रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किसी व्यक्ति को नहीं अपितु तत्व को गुरु मानता है और इसलिए परम पवित्र भगवा ध्वज हम सभी का गुरु है अतः हम सभी स्वयंसेवकों को भगवा ध्वज का सम्मान करना चाहिए। हिंदवी साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी ने भी हिंदू साम्राज्य के पुनर्स्थापना के समय ही इस ध्वज को लहराया था ।इस ध्वज का इतिहास पुरातन काल से ही है हमारे भगवान , राजा महाराजा भी इस ध्वज का प्रयोग करते रहे हैं , संघ ने इस ध्वज को बहुत सोच समझकर संघ का प्रतीक चिन्ह बनाया है जो सराहनीय है। इस 7 सात दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग ,वर्ग कार्यवाह नवीन चंद्र जी के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। यह जानकारी वर्ग के बौद्धिक प्रमुख रंजीत शर्मा ने दिया।

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