7 सूत्री मांगो पूरी नही होने पर 10 दिसंबर से भूमि आउटसोर्सिंग का अनिश्चितकालीन होगा चक्का जाम : धनंजय
कतरास । तेतुलमारी पैच के रैयतों विस्थापित के परिवार के बेरोजगारों को भूमि आउटसोर्सिंग में झारखंड सरकार द्वारा नियम के अनुसार से 75 प्रतिशत नियोजन देने,ब्लास्टिंग से होने वाले नुकसान की भरपाई,पैच से उत्पन्न प्रदूषण की रोकथाम की व्यवस्था,रैयतों को बकाया भुगतान अविलंब कराने,भूमि आउट सोर्सिंग में नियोजन सहित 7 सूत्री मांग को लेकर 26 नवंबर को एक दिवसीय धरना देने की बात पत्रकार वार्ता में दीगई।
रैयतों के नेतृत्व करते हुए धनंजय सिंह ने कहा की बीते 10 साल से विस्थापित समस्या को झेल रहे है,उन्होंने कहा की बी सी सी एल के प्रबंधन की नीति ठीक नही है, विस्थापितों को हर 10 -15 साल में यहां वहा विस्थापित करते है और 20 हजार देते है,जबकि 3/5 लाख खर्च कर विस्थापित अपना आशियाना बनाते है,बाद में बी सी सी एल प्रबंधन उन्हें नोटिस देकर दूसरे स्थान पर बसने की बात करते है जो इस महंगाई में किसी तरह न्याय संगत नहीं है। विस्थापितों को हमेशा के लिय नन कोल वेयरिंग में बसाने की माग की।श्री सिंह ने कहा की ये जमीन विस्थापित को जो जमीन दिया जाता है वह जमीन रैयत का है ।
उन्होंने कहा की परियोजना का विस्तार करवाया ताकि रैयत को नियोजन मुआवजा मिलना चाहिए,श्री सिंह ने कहा की एक भी स्थानीय रैयत को नियोजन नही दिया गया है। भूमि के विरोधी रैयत विस्थापित है,एक रैयत का मुआवजा क्लियर हो गया है।बाकी 35 रैयतों का नियोजन मुआवजा बाकी है , रैयत अपनी जमीन पर तेतुलमारी पैच के सामने 26 नवंबर को एक दिवसीय धरना अपने जमीन पर देंगे। मांगो को नही माना गया तो 15 दिन बाद 10 दिसंबर 22 को अनिश्चितकालीन चक्का जाम करने को विवाद होंगे।रैयतों ने कहा की प्रबंधन चाहती है बेनीडीह की घटना की पूर्णबृति तेतुलमारी में हो सकती है ।
क्योंकि यहां भी लोग जान जोखिम में डाल कर कोयला चुनकर अपनी रोजी रोटी चलाते है।इसलिए रैयतों विस्थापितों को अभिलंब रोजगार मुआवजा मिलना चाहिए।प्रेस वार्ता में धनंजय सिंह,चुनमुन सिंह,अशोक सोनार,सत्येंद्र नारायण, राजेश बेलदार,पप्पू सोनार,साधु सिंह,अजय पंडित,निवास सिंह, अशोक सिंह, संतोष चौहान,उपेंद्र वर्मा,विक्की वर्मा, विक्रम सिंह,अजय ठाकुर,युगल यादव,लक्की कर्मकार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
