निशिकान्त मिस्त्री

जामताड़ा । दुमका रोड स्थित चोला मंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनांस कंपनी लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर आशीष रंजन पर राजेन्द्र स्वर्णकार पिता नेपाल स्वर्णकार पता ग्राम रायडीह थाना नारायणपुर निवासी ने धोखाधड़ी का आरोप पत्र जामताड़ा न्यायालय में दायर किया। आरोप पत्र में राजेंद्र स्वर्णकार ने न्यायालय को बताया की वादी एक बेरोजगार युवक है और चोला मंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनांस कंपनी लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर आशीष रंजन ने वादी के घर पर जाकर चार पहिया वाहन पिकअप वेन खरीदने के लिए बोला जिसके लिए कंपनी द्वारा लोन उपलब्ध कराने की बात कही।

जिसके बाद वादी से आधार कार्ड, पासबुक, बिना तारीख भरे हस्तांतरित ब्लेंक चेकबुक में हस्ताक्षर करवाकर लेलिया साथ ही विभिन्न कागजातों को बिना पढ़े ही हस्ताक्षर करवाया। कुल सात लाख 68 हजार तीन सौ 68 रुपये का लोन सेंसन किया गया। जिसमें वादी से एक लाख 13 हजार डाउन पेमेंट लिया। 59 महीनों के क़िस्त बनाया गया और ए ई एम आई 17 हजार 6 सौ 94 रुपये तय किया गया और जे एच 15 जेड 4496 वाहन संख्या मुहैया कराया गया। वादी वाहन चलाते हुवे 9 महीनों तक क़िस्त की रकम भी कंपनी को देता रहा। जिसके बाद वादी की तबीयत खराब हो गया जिसके बाद कुछ महीनों का क़िस्त  बकाया हो गया।

कंपनी ने वादी के ऊपर फौजदारी मुकदमा दायर कर दिया।  जिसके बाद वादी ने मैनेजर से बात कर बाकी रुपये जमा करने की बात कही और 60 हजार रुपये जमा कर दिया जिसके बाद मैनेजर ने 20 हजार रुपए प्रोसेसिंग के नाम पर अलग से लिया लेकिन कोई भी पावती रसीद नही दिया। इसके तीन बाद वादी ने पुनः एक लाख रुपए कंपनी के ब्रांच में देने गया। जहां मैनेजर आशीष रंजन ने वादी को गवाहों समेत ब्रांच से बाहर आने को कहा और ब्रांच से बाहर एक लाख रुपए लेलिया और बैंच में बैठने को कहा यहाँ भी वादी को कोई पावती राशिद नही मिला। फिर वादी से वाहन की चाभी यह बोलकर ले लिया कि वाहन को स्टार्ट कर फेल इंसोरेंस को रिन्युवल करवाना है।

जिसके बाद जमा रकम का राशिद और चाभी दे दिया जाएगा। चाभी लेने के बाद राजेन्द्र स्वर्णकार से धक्का मुक्की कर गाली गलौज किया। आशीष रंजन ने वादी से कहा न चाभी मिलेगी और न ही जमा राशि का पावती रशीद मिलेगी। यहाँ से चले जाओ नही तो झूठी मुक़दमा कर फसा देंगे। वादी वहां से चला गया। जिसके बाद विभागीय पदाधिकारियों के पास अपनी बात को रखा जहाँ न्याय नही मिला जिसके बाद जामताड़ा न्यायलय की शरण लिया है। राजेन्द्र स्वर्णकार के न्यायालय को यह भी बताया कि 10 प्रतिशत बोलकर 13 प्रतिशत ब्याज की दर पर लोन उपलब्ध करवाया साथ ही क़िस्त की एक लाख रुपए जमा करने की बात बोलकर लिया और कंपनी को जमा नही करवाया।

जबरन वाहन लेलिया और गाली गलौज धक्का मुक्की करते हुवे सरेआम अपमानित किया। जिसपर भादवी की धारा 406, 420, 323, 341, 500, 504 के तहत अपराध कारित किया जाय। श्रीमान से निवेदन है कि संज्ञान लेते हुए वाद विचारण हेतु आशीष रंजन को सम्मन निर्गत किया जाय।

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