निशिकान्त मिस्त्री

जामताड़ा । चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा है कि जब पूरे देश में एक देश एक कानून एक टैक्स की बात हो रही है और केंद्र सरकार ने जीएसटी को लागू कर दिया है तो फिर इस कृषि बाजार समिति काले कानून को लागू करने का क्या औचित्य है झारखंड सरकार का यह निर्णय पूर्णता गलत है। झारखंड सरकार के द्वारा 25 मार्च 2022 को कृषि बाजार समिति शुल्क नामक काला कानून लागू कर व्यापारियों और आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने का काम कर रही है ।

कृषि बाजार समिति हटाने के विरुद्ध में झारखंड के लगभग 400 व्यापारी रांची स्थित झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स मुख्यालय में उपस्थित होकर एक सुर में सभी ने कृषि बाजार समिति नमक काले कानून का विरोध किया 20 अप्रैल से 15 मई तक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन के जरिए सरकार को कृषि बाजार समिति शुल्क को हटाने के विरोध  चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने का निर्णय लिया 19 अप्रैल और 20 अप्रैल को जामताड़ा के साथ साथ के पूरे झारखंड के व्यापारियों ने काला बिल्ला लगाकर सरकार के इस काले कानून के निर्णय का विरोध किया है ।

चरणबद्ध आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए आज 21 तारीख को जामताड़ा जिले के व्यापारियों द्वारा इंदिरा चौक पर पोस्टर अभियान के द्वारा इस काले कानून का विरोध प्रदर्शन किया गया सरकार से यह मांग की गई कि इस काले कानून को तुरंत प्रभाव से निरस्त करें इस काले कानून से ना तो किसानों का भला होने वाला है ना ही व्यापारियों का भला होने वाला और ना ही सरकार का भला होने वाला कृषि बाजार समिति लागू कर देना से राज्य में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा और इंस्पेक्टर राज कायम हो जाएगा ।

अगर सरकार 15 मई तक इस काले कानून को नहीं हटाती है तो 16 मई को पूरे झारखंड के गल्ला व्यापारी ना तो माल मनाएंगे और ना ही अपने प्रतिष्ठान को खुलेंगे ऐसी स्थिति में सरकार के पास करो या मरो की स्थिति हो जाएगी सरकार को ऐसी स्थिति से बचने के लिए इस काले कानून को तुरंत निरस्त करें।

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