अजय कुमार जीतू
कतरास । बाघमारा के हरिणा निवासी संतोष कुमार सेठ और उनकी पत्नी स्निग्धा कुमारी ने बाघमारा पुलिस पर अपने साथ मारपीट का गम्भीर आरोप लगाया है। मामले की जानकारी दम्पत्ति ने एक पीसी के माध्यम से दी है।
जानकारी देते हुए जेएमएम नेता संतोष सेठ की पत्नी स्निग्धा ने कहा कि घटना गत 12 सितंबर की है।बाघमारा थाना से चार पुलिसकर्मी मेरे घर पर आए।घर के समीप ही हो रहे निर्माण कार्य को अवैध बताते हुए मेरे पति के साथ मारपीट करने लगे।स्निग्धा ने यह भी कहा कि पूर्व से मेरे परिजन के साथ भूमि विवाद चल रहा है।जिसको लेकर बाघमारा पुलिस ने हमलोगों के साथ हर बार कुछ गलत कार्रवाई की है।
उसी अंदेशा से मैं आज की पूरी घटना की वीडियो अपनी मोबाइल से बना रही थी।उस मोबाईल को भी उन पुलिसकर्मियों ने मुझसे छीन लिया और मेरे साथ भी मारपीट करते हुए छेड़छाड़ भी की।मोबाइल में सारी घटना कैद होने के कारण मोबाइल को तोड़ने का प्रयास भी किया।पर किसी तरह मोबाइल को बचाये।इस बीच खास बात यह भी देखने को मिली कि पुलिस दल में कोई भी महिला पुलिसकर्मी नही है,जो एक बड़ा विषय है।
पीड़ित दम्पत्ति ने मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर उचित कार्रवाई का आग्रह करते हुए धनबाद एसएसपी और डीसी को लिखित आवेदन दिया है साथ ही पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को भी सूचित किया है।वहीँ पूरे मामले पर बाघमारा थाना प्रभारी सूबेदार कुमार यादव ने कहा है कि जेएमएम नेता संतोष कुमार सेठ के चाचा ने संबंधित विवादित भूमि को लेकर टाइटल शूट मुकदमा दर्ज कराया है जो कोर्ट में लंबित है।उसके बावजूद उस जमीन पर निर्माण कार्य संतोष सेठ द्वारा कराया जा रहा था।इसी कार्य को स्थगित कराने को लेकर आवेदन देकर उसके चाचा ने कार्रवाई की मांग की थी।
जिसको लेकर थाना से एक गश्ती दल चिन्हित स्थल पर गयी थी।वहाँ जाकर पूछताछ करने के क्रम में संतोष ने पुलिसकर्मियों से ही अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया है,साथ ही हाथापाई पर उतर गया।उसी के विरोध में मौजूद पुलिसकर्मियों ने कुछ बल प्रयोग किया है।पर छेड़छाड़ का आरोप निराधार है।इस मामले में पुलिस द्वारा जाँच कर संतोष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।बहरहाल मामले में क्या सच्चाई है यह तो जांचोपरांत ही कहा जा सकता है,पर वायरल वीडियो में जो देखा जा रहा है वह अपनेआप में कई बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं।
