निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । सदर अस्पताल में पिछले 12 दिनों से पड़े एक अज्ञात व्यक्ति के शव का शनिवार को अजय नदी तट पर स्थित मुक्तिधाम में सम्मान पूर्वक अंतिम संस्कार किया गया। शव की पहचान नहीं होने तथा अंतिम संस्कार के लिए कोई परिजन या अन्य व्यक्ति के आगे नहीं आने के बाद जामताड़ा चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने दूसरी बार मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए अपने सौजन्य से अंतिम संस्कार किया प्रशासन के सहयोग से अज्ञात शव को सदर अस्पताल से अजय नदी तट पर स्थित मुक्तिधाम ले जाकर विधि विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। संजय अग्रवाल की इस पहल का स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की। संजय अग्रवाल ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति का शव पिछले 12 दिनों से सदर अस्पताल में पड़े होने की जानकारी जामताड़ा नगर थाना प्रभारी मनोज महतो महोदय के माध्यम से मिली तो उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़ा मामला नहीं माना बल्कि मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा विषय समझा। संजय अग्रवाल ने अपना सामाजिक दायित्व समझते हुए अज्ञात शव के अंतिम संस्कार की पहल की और इस संबंध में जामताड़ा नगर थाना प्रभारी मनोज महतो महोदय से बातचीत कर आवश्यक सहयोग प्राप्त किया उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान भले ही ना हो, लेकिन उसकी अंतिम यात्रा सम्मान पूर्वक होनी चाहिए। समाज में ऐसे मामलों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शव का अंतिम संस्कार करना सिर्फ एक व्यक्ति की अंतिम यात्रा पूरी करना नहीं , बल्कि मानवता और सामाजिक जिम्मेदारियां का सम्मान करना है। संजय अग्रवाल ने कहा कि समाज में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि जरूरत के समय वह इंसानियत के काम आए। मृत व्यक्ति की पहचान और उसके परिजनों का पता नहीं चल पाने की स्थिति में भी उसके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड जाना चाहिए। वहीं स्थानीय लोगों ने भी संजय अग्रवाल के इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि अज्ञात व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए आगे आना समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना का उदाहरण है । लोगों ने कहा कि ऐसे कार्य समाज में इंसानियत संवेदनशीलता और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
