जोरापोखर। जोरापोखर थाना क्षेत्र के डिगवाडीह बारह नंबर बंद कांटा घर से भूलन बरारी की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर प्रबंधन द्वारा आउटसोर्सिंग परियोजना का बड़ी मात्रा में ओबी गिराकर सड़क बंद किए जाने से आक्रोशित दर्जनों लोगों ने पार्षद अलीम अंसारी, श्रमिक नेता सबूर गोराई और अनिल बाउरी के नेतृत्व में शनिवार सुबह से छाता धौड़ा के पास अनिश्चितकालीन सड़क जाम कर दिया। जाम से सुशी आउटसोर्सिंग परियोजना का खनन कार्य ठप हो गया है। जाम शुरू होने के बारह घंटे बाद भी बीसीसीएल का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है, जिससे कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। एहतियात के तौर पर जोरापोखर थाना पुलिस और सीआईएसएफ मौके पर पहुंची और प्रबंधन से बात कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारी घटनास्थल पर ही प्रबंधन से वार्ता की मांग पर अड़े रहे। जानकारी के अनुसार भूलन बरारी क्षेत्र में सुशी आउटसोर्सिंग परियोजना के विस्तारीकरण के लिए प्रबंधन क्षेत्र के मुहल्लों को विस्थापित करने की कवायद में जुटी है। स्थानीय लोग सुविधाओं के साथ पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि विस्थापन के लिए प्रबंधन धीरे-धीरे मुहल्ले के सभी रास्तों को बंद कर रही है। इसी क्रम में पिछले दिनों भी प्रबंधन ने डिगवाडीह – भूलन बरारी मुख्य सड़क पर ओबी का मलबा गिराकर बंद करने की कोशिश की थी, जिसका नागरिकों ने विरोध किया था। पार्षद अलीम अंसारी के हस्तक्षेप के बाद प्रबंधन ने सड़क से मलबा हटा लिया था। लेकिन बीती रात फिर से बड़े-बड़े पत्थरों और ओबी गिराकर सड़क को बंद कर दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि भूलन बरारी, छाता धौड़ा, बाजार धौड़ा, छह नंबर, लक्ष्मी कोलियरी, पारबाद, जोगनकोचा सहित हजारों लोगों के लिए यही प्रमुख सड़क है। इसके बंद होने से लोगों को भारी परेशानी होगी। श्रमिक नेता सबूर गोराई और पार्षद अलीम अंसारी ने कहा कि जब तक प्रबंधन सड़क पर गिराई गई ओबी को हटाकर सड़क को नियमित रूप से चालू नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर पार्षद चंदन महतो, गणेश साव, जाहिद क्रांति, दिनेश ठाकुर, समेत कई लोग मौजूद थे। खबर लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी है।
