निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । सदर अस्पताल से उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर की गई एक प्रसूता की रास्ते में मौत हो जाने के बाद गुरुवार को परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया और बाद में जामताड़ा बाजार–श्रीरामपुर समाहरणालय मुख्य मार्ग को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। समाचार लिखे जाने तक सड़क जाम जारी था।
मृतका की पहचान सरकार बांध निवासी 34 वर्षीय रीना देवी, पति कन्हैया रवानी, के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, गुरुवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद एएनएम ने सामान्य प्रसव होने का भरोसा दिया और बाहर के निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयां मंगवाई गईं। काफी देर तक प्रसव नहीं होने के बावजूद उन्हें लगातार आश्वस्त किया जाता रहा। जब महिला की हालत गंभीर हो गई, तब उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग सदर अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल प्रबंधन व ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। इस दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद ड्यूटी पर मौजूद एएनएम समेत अन्य महिला स्वास्थ्यकर्मी मौके से चले गए।
स्थिति की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। इसके बाद मुख्य सड़क जाम कर दी गई, जिससे यातायात प्रभावित हो गया।
इधर, सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद ने बताया कि अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार महिला को सुबह 9:45 बजे भर्ती किया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद करीब 12 बजे गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि उस समय ड्यूटी पर डॉ. स्वीटी कुमारी तैनात थीं।
सिविल सर्जन ने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एक जांच टीम गठित कर दी गई है। यदि जांच में किसी चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, मृतका के पति कन्हैया रवानी ने आरोप लगाया कि यदि समय पर उचित उपचार और रेफर किया जाता, तो उनकी पत्नी की जान बच सकती थी। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *