अभिषेक मिश्रा

चासनाला । जियलगोरा में कोलियरी प्रबंधन द्वारा सेवानिवृत सर्वेयर पी के घोष की आवास को दो कर्मियों को आवंटन करने का मामला लगातार तूल पकड़ते जा रहा है। प्रबंधन की चूक बोले या फिर लापरवाही के चलते सेवानिवृत कर्मी घोष की जान पर आफत सी आ गई है। राजू कुमार और हसनैन अंसारी द्वारा समर्थकों के साथ शनिवार को लगातार घोष पर घर खाली करने का दबाव बनाए जाने के कारण कथित तौर पर घोष का मानसिक दबाव में तबीयत बिगड़ गई और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर रेफर किया गया है । श्री घोष को परिजनों ने तत्काल जियलगोरा अस्पताल में भर्ती कराया है जहां डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर रेफर कर दिया है। श्री घोष की पत्नी ने मामले को लेकर जोरापोखर थाना की पुलिस से शिकायत कर कोलियरी एजेंट ,राजू कुमार एवं हसनैन को घटना के लिए दोषी ठहराते हुए कार्रवाई की मांग किया है। मालूम हो कि एकीकृत जयरामपुर कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी अनिल कुमार ने श्री घोष के सेवानिवृत होने पर उसके सी टाइप आवास को राजू कुमार एवं हसनैन अंसारी के नाम से अलग अलग आवास आवंटन कर दिया है।हालांकि विवाद बढ़ने के बाद प्रबंधन ने दोनों का आवास आवंटन रद कर नए सिरे से आवास आवंटन पत्र जारी किया है। मगर नए आदेश को मानने के बजाय पुराने आवास आवंटन को ही आधार बनाकर राजू और हसनैन एवं उसके समर्थकों द्वारा घोष की आवास में कब्जा जमाने को घोष पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। बताते है कि श्री घोष हृदय रोग से पीड़ित है,उसे सीने में दो स्टेंड लगाया गया है। उनके परिजनों के अनुसार आवास पर कब्जा करने को लगातार बनाई जा रही दबाव के चलते घोष की तबियत बिगड़ गई है। इस बीच श्री घोष के परिजन ने जीएम और एजेंट को भी आवेदन देकर घोष की स्वास्थ्य को देखते हुए वर्तमान में आवास खाली नहीं करने की सूचना दे दिया है। फिलहाल खबर लिखे जाने तक चिकित्सकों के द्वारा हार्ट अटैक पुष्टि नहीं की गई है ।

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