अभिषेक मिश्रा

चासनाला । भारत के महान समाज सुधारक, शिक्षाविद समाज में व्याप्त जाति-भेद, छुआछूत और स्त्री-अशिक्षा के खिलाफ संघर्ष करने वाले ज्योतिबा राव फुले जी की 199वीं जयंती 11 अप्रैल 2026 को डिगवाडीह दस नंबर स्थित मदन राम के आवासीय कार्यालय में किया गया । उनके चित्र पर माला अर्पण कर पुष्प अर्पित करते हुए उनके जीवन के बारे में व्याख्यान करते हुए मदन राम ने अपनी बात रखते हुए कहा कि ज्योतिबा राव फुले 1848 में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला था। जाति-प्रथा और कुरिती व्यवस्था का विरोध किया। 1873 में सत्यशोधक समाज की स्थापना की, जिसका उद्देश्य समाज में समानता लाना था। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक “गुलामगिरी” है, जिसमें उन्होंने सामाजिक अन्याय की आलोचना की। उन्होंने विधवा विवाह और महिला अधिकारों के लिए काम किया। उन्होंने महिलाओं को शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया।बाल विवाह, सती प्रथा और छुआछूत जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। दलित और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम किया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से मदन राम, जितेंद्र पासवान ,मनीष कुमार ,अनवर अंसारी ,अशोक हरि ,सहब शेख ,गोवर्धन यादव, महेंद्र कुमार ,जसीम अंसारी,आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *