धनबाद । 6 अप्रैल सोमवार को धनबाद स्टेशन पर नई साप्ताहिक ट्रेन के परिचालन के शुभारंभ अवसर पर जो बातें सामने आई उसने धनबाद की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है और उद्घाटन के बाद से ही यह चर्चा का विषय बना हुआ है । यह घटना प्रशासनिक चूक हैं या राजनीति प्रेशर का एक अलग अध्याय ? जानकारी के अनुसार धनबाद-लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन सोमवार रात 11 बजे होना था । इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां भी पूरी कर ली गई थीं, लेकिन आखिरी वक्त पर जो हुआ वो आज चर्चा का विषय बना हुआ है ।
मेयर और झरिया विधायक का क्यों किया गया निमंत्रण रद्द ?
उद्घाटन के लिए धनबाद मेयर संजीव सिंह और झरिया विधायक रागिनी सिंह को विधिवत आमंत्रित किया गया, उनके नाम से बैनर-पोस्टर तक लगाए गए । लेकिन, कार्यक्रम शुरू होने से ठीक एक घंटे पहले उनका निमंत्रण रद्द कर दिया गया ।
इसे केवल एक प्रशासनिक चूक मानना मुश्किल है । यह घोर लापरवाही लग रहा है । सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश पहले से लागू थे, तो फिर आमंत्रण जारी क्यों किया गया? क्या अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी की, या फिर अंतिम समय में किसी राजनीति दबाव या किसी अन्य कारण से निर्णय बदला गया? यह एक पहेली बन गई है । कार्यक्रम स्थल से आनन-फानन में बैनर-पोस्टर हटाए गए ।
धनबाद में यह कोई पहला मामला नहीं है जब सरकारी कार्यक्रमों में श्रेय लेने की होड़ में विवाद हुआ हो । पहले भी कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका को नजर अंदाज किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं ।
सांसद ने ट्रेन का किया उद्घाटन
हालांकि, कार्यक्रम के तहत ही सोमवार रात 11 बजे धनबाद से मुंबई के लिए लोकमान्य तिलक टर्मिनल की नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन सेवा की शुरुआत हो गई है । सोमवार रात 11 बजे यह ट्रेन धनबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 7 से मुंबई के लिए रवाना हुई । सांसद ढुल्लू महतो ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया ।
सांसद ढुल्लू महतो ने कहा कि इस ट्रेन की शुरुआत जब हो रही है उसी दिन भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस भी है, जिस कारण इस अवसर का महत्व और बढ़ जाता है । उन्होंने कहा कि धनबाद की जनता ने उन्हें जो प्यार और विश्वास दिया है । वे उस पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेंगे और क्षेत्र की सुविधा के लिए लगातार काम करते रहेंगे ।
