निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 फरवरी यानी आज देशभर के 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं किसान संगठनों द्वारा केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया। इसी कड़ी में जामताड़ा में भी बंद का असर देखने को मिला।
सीपीआई(एम) के जिला सचिव चंडी दास पूरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मनरेगा को पूर्ण रूप से पुनर्बहाल करने, प्रस्तावित नया बीज विधेयक वापस लेने, बिजली विधेयक 2025 को रद्द करने तथा किसानों की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी अविलंब लागू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां मजदूरों, किसानों और आम जनता के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में कटौती, कृषि से जुड़े नए कानून और बिजली क्षेत्र में प्रस्तावित बदलावों से गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीपीआई(एम) जिला सचिव चंडी दास पूरी ने कहा कि यह हड़ताल मजदूरों और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार जनविरोधी नीतियों को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने एमएसपी की कानूनी गारंटी को किसानों के लिए जीवन-मरण का प्रश्न बताते हुए इसे तुरंत लागू करने की मांग की।
