मामला इचाक खैरा जर्जर पथ का
आठ माह पहले हुई टेंडर, अब तक नहीं बन सका सड़क, ग्रामीणों में रोष
नहीं बनी सड़क तो उग्र आन्दोलन करेगी जनता।
रामावतार स्वर्णकार
हजारीबाग/इचाक । प्रखंड के छः पंचायत के दर्जनों गांवों को प्रखंड व जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली और इचाक की लाइफलाइन कही जानेवाली लगभग 22 किमी लंबी इचाक खैरा वाया दरिया- बरका पथ पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। सड़क पर इतने बड़े- बड़े गड्ढे बन गए है कि समझ में नहीं आता है कि सड़क पर गढ्ढे है या गढ्ढे में सड़क है। इस पर पैदल भी चलना मुश्किल हो गया है। जिसके कारण लोग चार किमी के बजाय 10 किमी दूरी तय कर उरूका लोंहडी होते हुए इचाक बजार या ज़िला मुख्यालय आना- जाना करने लगे हैं।
इस पथ के निर्माण हेतु पीएमजीएसवाई से टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। बावजूद इसके सड़क निर्माण का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। पथ निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश मेहता ने कहा कि पथ की जर्जर अवस्था को लेकर पथ निर्माण संघर्ष समिति के तत्वाधान में इस क्षेत्र की सभी जनता ने पीडब्ल्यूडी विभाग से पथ निर्माण की मांग को लेकर 13 किलोमीटर तक की मानव श्रृंखला, विधानसभा परिसर में धरना, सभी जनप्रतिनिधियो जैसे झारखंड के मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री, विभागीय सचिव के साथ-साथ सांसदों एवं विधायकों सहित पदाधिकारियों को भी पथ निर्माण की मांग को लेकर स्मार पत्र सौंपी गई ।
विधानसभा सत्र के दौरान विधायक अमित कुमार यादव जी के द्वारा मामला उठाए जाने पर विभागीय मंत्री बादल पत्रलेख ने पीएमजीएसवाई से वर्तमान समय में कार्य कराने को कहा। इसके बावजूद रोड का टेंडर हुए लगभग 8 महीने बीत चुके हैं फिर भी सड़क निर्माण कार्य आरंभ नहीं हुआ। श्री मेहता ने कहा कि 15 दिनों के अंदर अगर पथ निर्माण का काम शुरू नहीं होता है तो समिति हजारों जनता के साथ उग्र आंदोलन करेगी जिसकी सारी जवाबदेही झारखंड सरकार के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन की होगी। बताते चलें कि इस मार्ग के जर्जर होने से प्रखंड की आधी आबादी प्रभावित हो रही है। सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थी, सरकारी अथवा गैर सरकारी कर्मचारी, दैनिक मजदूरी से लेकर किसान तक।
मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ो छोटी बड़ी गाडियां चलती है। सोमवार और शुक्रवार को बाजार के दिनो मे मार्ग की व्यस्तता काफ़ी बढ़ जाती है। ऐसे में किसी संभावित दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
