अभिषेक मिश्रा

चासनाला । नुनुडीह स्थित एके राय स्मृति भवन परिसर में सोमवार को खुदीराम बोस की 117वा शहादत दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम खुदीराम बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। वही सभा को सम्बोधित करते हुए मजदूर नेता सबूर गोराई ने कहा कि खुदीराम बोस का जन्म 1889 में हुआ था तथा 11 अगस्त 1908 को अंग्रेजी हकूमत के द्वारा उन्हें फांसी दे दी गई थी। 19 वर्ष की उम्र में अग्रेजो के बढ़ते अत्याचार के खिलाफ उन्होंने आदोंलन का बिगुल फूंका और सभी को एकजुट करना शुरू किया। जिसके भय से अंग्रेजी हकूमत ने उनको फाँसी पर चढ़ा दिया था।उनका प्रसिद्ध नारा था बंदे मातरम्।

कहा की आज के युवा जो नशे की बढ़ते चले हैं जिससे वह अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। उन्हें खुदीराम बोस की जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है जो देश को नई दिशा पर ले जाये। मौके पर सबूर गोराई, बिरेन गोराई, आरएन घोष, मोतीलाल गोराई, सोनू गोराई, नेपाल बाउरी, साधन धीवर, गौतम बनर्जी, बप्पा दत्ता, ईश्वर गोराई, मन्टुचन्द्र बाउरी आदि थे।

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