निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । झारखण्ड स्वास्थ्य विभाग की ओर से फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत आज से की गई। जामताड़ा करमाटांड़ रोड स्थित एक मैरेज होल में समारोह आयोजित की गई, जिसमें झारखण्ड के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। समारोह में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, सिविल सर्जन डॉक्टर ए एम सोरेन, एस डी ओ अनंत कुमार व जिले के स्वास्थ्य ए एन एम, जी एन एम, सहिया मौजूद थे। वहीं मंत्री ने स्वयं दवा का सेवन किया और लोगों से आग्रह किया कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनायें। स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी ने मीडिया से बात करते हुवे कहा कि अब राज्य में स्वास्थ्य विभाग की विकास देखा जा सकता है, फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत पूरे राज्य में किया गया है। जिसका समारोह जामताड़ा में आयोजित की गई है। फ़ाइलेरिया केवल शारीरिक अपंगता नहीं लाता, बल्कि आत्मसम्मान, आजीविका और मानसिक स्वास्थ्य को भी गहरी चोट पहुँचाता है। लेकिन यह पूरी तरह रोकी जा सकती है साल में केवल एक बार दी जाने वाली दवा से फाइलेरिया को रोका जा सकता है।
मंत्री ने साफ कहा की जामताड़ा के लोगों की दुआओं से मैं विधायक बना, मंत्री बना। इसलिए राज्य का कोई भी बड़ा कार्यक्रम सबसे पहले जामताड़ा से ही शुरू होगा। विपक्ष आलोचना करता है, लेकिन जहां काम होता है वहीं आलोचना होती है। मैं रुकने वाला नहीं।दिन-रात इस विभाग को सशक्त और मजबूत बनाने में जुटा हूं। आगे मंत्री ने कहा कि हम सबका दायित्व है कि इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें।सबसे पहले स्वयं दवा लें और अपने परिवार के हर सदस्य को भी अवश्य खिलाएँ। हमारा गाँव, हमारी पंचायत, हमारे शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्यकर्मी और मीडिया सभी मिलकर इसे एक जन-आंदोलन बनाएं। झारखण्ड राज्य का ग्रामीण ट्राइबल एरिया है, जहाँ लोगों में फाइलेरिया का लक्षण दिखाई देता है लेकिन अभी तक इसपर काबू नहीं पाया गया है। लेकिन अब इस बीमारी को जड़ से समाप्त करना है इसके लिए अभी सिविल सर्जन को सख्त हिदायत दी गई है कि गांव गांव तक इस दवा का वितरण करना है।
