निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । रेलवे साइडिंग पर डंपर वाहन ऑनर्स एशोसिएशन का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन सातवें दिन भी जारी रहा। धरने में शामिल भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र मंडल ने तीखा बयान देते हुए कहा कि ईसीएल चित्रा प्रबंधन और ट्रांसपोर्टर कांता शर्मा की मिलीभगत से स्थानीय डंपर वाहनों को सेवा से हटाया गया, जिससे हजारों लोगों का रोजगार खतरे में पड़ गया है। आज सातवां दिन है, लेकिन अब तक ट्रांसपोर्टर कांता शर्मा की ओर से कोई वार्ता की पहल नहीं की गई है। सिर्फ मनमानी कर बाहरी कंपनियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि पिछले 40 वर्षों से स्थानीय डंपर मालिक कोयला ढुलाई में ईमानदारी से सेवा देते आ रहे हैं। इस आंदोलन के कारण न केवल राज्य सरकार का राजस्व बल्कि ईसीएल चित्रा प्रबंधन को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है, इसका जिम्मेदार केवल ट्रांसपोर्टर कांता शर्मा है। सूत्रों के अनुसार, जामताड़ा जिला प्रशासन ने आज इस मामले को सुलझाने के उद्देश्य से ईसीएल चित्रा गेस्ट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी, लेकिन किसी अज्ञात कारण से बैठक रद्द कर दी गई, जिससे आंदोलनकारियों में नाराजगी बढ़ गई है। डंपर ऑनर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र हमारी मांगों को नहीं माना गया और डंपर वाहनों को पुनः सेवा में नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरनास्थल पर भारी संख्या में डंपर मालिक व स्थानीय लोग मौजूद रहे, जो एक स्वर में स्थानीय रोजगार की बहाली की माँग कर रहे हैं। आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच रहा है।
