अभिषेक मिश्रा
चासनाला । झरिया सिंदरी मुख्य मार्ग इन दोनों बरसात में गढ़ों से भरा पड़ा है जो जोखिम भरा है ही। इधर आवारा पशुओं का भी जनघट बीच सड़कों पर लगा रहता है। जिनका कोई बारिश नहीं। जब की यह मार्ग बहुत ही व्यस्त है की बड़े बड़े वाहनों का आना जाना लगा रहता है।रात के अंधेरे में कई बार वाहन द्वारा पशुओं को दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है।अगर वाहन पकड़ा गया तो मालिकाना हक जताने भी लोग पहुंच जाते है।और वसुली भी कर लिया जाता है।ऐसे कई दुधारू गाय है जिसे दुहने के बाद छोड़ दिया जाता है। बताते चले कि सड़कों पर कई जगहों पर पशु गोलबंद हो बीच सड़क पर बैठे मिलेंगे। वाहन टकरा जाते है।इस ओर किसी समाज सेवी का ध्यान नहीं रहता ।इस पर रोक लगाने की जरूरत है।
