कुमार अजय
कतरास । ज्ञान वाटिका लाइब्रेरी, तेतुलमारी में रविवार को वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।”डिग्री या कौशल: आज के रोजगार बाजार में क्या अधिक महत्वपूर्ण विषय पर परिचर्चा हुई “अध्यक्षता ज्ञान वाटिका लाइब्रेरी के निदेशक हिमांशु चन्द्रवंशी ने कहा कि “वाद-विवाद केवल तर्क का मंच नहीं, बल्कि विचारों के मंथन का माध्यम है। यह प्रतियोगिता न केवल बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करती है, बल्कि आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की कला को भी निखारती है। मुख्य अतिथि नेहरू महिला महाविद्यालय के प्रोफेसर यदुनाथ सिंह चौधरी , तेतुलमारी एवं चेयरपर्सन – ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, खरनी मोड़, धनबाद व धीरज कुमार रवानी, सहायक शिक्षक –उत्क्रमित उच्च विद्यालय, टुंडू, पंकज कुमार साव, सहायक शिक्षक – उच्च विद्यालय, नागरी, गिरिडीह ने छात्रों को संबोधित करते हुए ज्ञान और कौशल के बीच संतुलन की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि आने वाले समय में केवल डिग्री नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता ही युवाओं को आगे ले जाएगी,प्रतियोगिता में दो समूहों में बंटे प्रतिभागियों ने क्रमशः ‘कौशल’ और ‘डिग्री’ के पक्ष में अपने तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों ने बेहतरीन आत्मविश्वास, तर्कशक्ति और प्रस्तुति शैली का परिचय दिया।ज्ञान वाटिका लाइब्रेरी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल शैक्षणिक दृष्टिकोण से सफल रहा, बल्कि छात्रों में संवाद, नेतृत्व और आत्म-अभिव्यक्ति के गुणों को भी बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।
