अभिषेक मिश्रा
चासनाला । सख्त आदेश के बाद झारखंड में बालू उठाव पूर्ण रूप से बंद है।जिससे अवैध बालू कारोबारियों में बेचैनी छाई हुई है।जिससे से बहुत से कारोबार जैसे सरकारी निर्माण कार्य भवन,रोड नाली स्कूल कार्य सभी बाधित है।बंद के स्थिति में हो गई है।ठेकेदार या मकान मालिक जिनके घर पर काम लगा है ओ परेशान नजर आ रहे है। महंगे दामों पर भी बालू उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।अगर मिल भी रहा तो ठेला या ऑटो के माध्यम से ले जाया जा सकता है।जिसकी मनमानी रकम जरूरत मंद से वसुली जा रही है।
आपको बता दे की बालू माफियाओं द्वारा बालू का स्टॉक सुदामडीह थाना क्षेत्र में देखने को मिलेगा। लेकिन बेचने में असमर्थ है क्यों कि सड़कों पर जाना उनके लिए महंगा साबित हो सकता है।रात के अंधेरे में बेचने का काम किया जाता है।इसके पूर्व रात में बालू का उठाव दामोदर नदी से किया जाता था,दिन के उजाले में पहुंचाया जाता था।
फिलहाल दामोदर में पानी आ जाने के कारण बंद है।लेकिन स्टॉक से मेंटेन किया जाता है। बताया जाता है की सुदामडीह in थाना क्षेत्र से लगभग 20 ट्रैक्टर का संचालन एक ही व्यक्ति के देख रेख में किया जाता रहा है। लगभग एक ट्रैक्टर के द्वारा अगर 5ट्रिप बालू दामोदर घाट से उठाया जाता है तो लगभग वही, 20 ट्रैक्टरों से लगभग 100 ट्रिप बालू का उठाव किया जाता है जिसकी कीमत लगभग लाखों रुपए आकी जा सकती हैजो बालू डंके की चोट पर चासनाला,कांडरा, नुनुडीह, नगीना बाजार,कुलताड़ आदि क्षेत्रों में बेचा जाता है।जिससे राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान किया जा रहा है।जिस ओर किसी का ध्यान नहीं । बालू माफिया इसके बदौलत हो रहे है मालामाल।
