झरिया । गौसेवा को जीवन का धर्म मानते हुए समाजसेवा में अनवरत लगे अनिल खेमका को आज मारवाड़ी युवा मंच, झरिया शाखा द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें 29 मई 2021 से जारी उनके समर्पित गौसेवा अभियान के लिए प्रदान किया गया, जिसकी प्रेरणा उन्हें श्रीमती शारदा देवी खेमका एवं कुसुम देवी खेमका से प्राप्त हुई।
खेमका द्वारा प्रारंभ किए गए “पहली रोटी गौमाता के लिए” अभियान ने गौसेवा को जनआंदोलन का रूप दे दिया। इस मुहिम से प्रेरित होकर गिरिडीह गौशाला एवं कतरास गौशाला ने भी इसी प्रकार का कार्यक्रम प्रारंभ किया, जो अब धीरे-धीरे झारखंड समेत कई राज्यों और देशों तक फैल रहा है।
इस अभियान की विशेष बात यह है कि अनिल खेमका स्वयं किसी भी विशिष्ट अतिथि का जब धनबाद आगमन होता है, तो व्यक्तिगत रूप से जाकर उन्हें आमंत्रित करते हैं कि वे एक बार गौशाला आकर गौसेवा करें। यह केवल निमंत्रण नहीं, बल्कि आत्मीयता और श्रद्धा से भरा सामाजिक आग्रह होता है, जिसे अतिथिगण सहर्ष स्वीकार भी करते हैं।
अब तक पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल मरांडी, पूर्व सांसद यदुनाथ पांडे, पूर्व सांसद पी.एम. सिंह, धनबाद विधायक राज सिन्हा, झरिया विधायक रागिनी सिंह, पूर्व विधायक पूर्णिमा सिंह सहित कई प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधि और धनबाद के प्रमुख उद्योगपति इस पावन कार्यक्रम का हिस्सा बन चुके हैं।
कार्यक्रम की लोकप्रियता इस हद तक बढ़ी है कि देश-विदेश से श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से भी इसमें भागीदारी निभा रहे हैं। लोग अपने जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ या पूर्वजों की पुण्यतिथि पर गौशाला जाकर चारा, गुड़ अर्पण कर गौसेवा को एक नया अर्थ देने लगे हैं। शाखा अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया कि वो स्वयं अपने पिता जी की पुण्य तिथि पर अपने परिवार के सदस्यों के साथ झरिया-धनबाद गौशाला जाकर इस कार्यक्रम में भाग लेते है।
मारवाड़ी युवा मंच, झरिया शाखा ने इस अवसर पर अनिल खेमका जी को सम्मानित करते हुए उन्हें “गौसेवा के प्रतीक पुरुष” की संज्ञा दी और कहा कि उनकी निष्ठा और तपस्या आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनकर रहेगी।
कार्यक्रम में मंच के अध्यक्ष मनीष शर्मा, कोसाध्यक्ष किरण शर्मा, पूर्व अध्यक्ष असीम अग्रवाल, श्याम सुंदर साह, कार्यक्रम संयोजक गौतम अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, आशा बाजोरिया, पदाधिकारी, स्वयंसेवक, गौभक्त एवं शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
“गौसेवा केवल कर्म नहीं, आत्मा की शुद्धि है। जब तक जीवन है, सेवा का संकल्प बना रहेगा।” — अनिल खेमका
