निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । राष्ट्र की एकता, अखंडता और राष्ट्रवाद के प्रणेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर मिहिजाम नगर भाजपा कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह दिन पार्टी द्वारा ‘बलिदान दिवस’ के रूप में मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष लोकेश महतो ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता हरिमोहन मिश्रा उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करके किया गया। इसके पश्चात उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्र के इस महान सपूत को श्रद्धांजलि दी। मंच पर उपस्थित नेताओं ने डॉ. मुखर्जी के जीवन, विचारधारा और उनके राष्ट्रीय योगदान पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य वक्ता हरिमोहन मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी न केवल एक योग्य शिक्षाविद् और प्रखर वक्ता थे, बल्कि उन्होंने राजनीति में राष्ट्रवाद की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि आज जब हम भारत की एकता और अखंडता की बात करते हैं, तो उसके मूल में डॉ. मुखर्जी जैसे महान विचारकों का त्याग और बलिदान छिपा हुआ है।
उन्होंने याद दिलाया कि डॉ. मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर को भारत के साथ पूरी तरह से एकीकृत करने के लिए अथक प्रयास किए। उस समय ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का नारा देकर उन्होंने भारत की अखंडता को सर्वोपरि रखा। इसी संघर्ष के क्रम में उन्हें अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी। उनका बलिदान स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज है।
हरिमोहन मिश्रा ने आगे कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर देश में राष्ट्रवादी राजनीति की एक नई धारा शुरू की। आज जिस भारतीय जनता पार्टी को हम एक सशक्त और व्यापक संगठन के रूप में देखते हैं, उसकी नींव जनसंघ काल में ही रखी गई थी। डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे।
इस मौके पर कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखते हुए डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व और कृतित्व की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि वे न केवल एक विचारशील राजनेता थे, बल्कि एक सिद्धांतवादी नेता भी थे, जिन्होंने सत्ता के लिए कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा और भविष्य की पीढ़ियों के लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया।
कार्यक्रम में कमल गुप्ता, बालमुकुंद रविदास, मनीष दुबे, सुरेश राय, परिचय मंडल, प्रकाश रजक, काजू शर्मा, आलोक मिस्त्री, ओम प्रकाश साव, दीपक शर्मा, ऋषभ तिवारी सहित भाजपा की महिला मोर्चा की सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि भाजपा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर युवाओं को डॉ. मुखर्जी के जीवन संघर्ष से परिचित कराएंगे। साथ ही युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने नेता के बताए मार्ग पर चलते रहेंगे। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष लोकेश महतो ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान हमें यह सिखाता है कि अगर उद्देश्य राष्ट्र का हो, तो संघर्ष भी गर्व की बात होती है। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि वे अपने विचारों, कर्मों और आचरण से देशहित को प्राथमिकता दें और भाजपा के संगठन को और मजबूत करें। बलिदान दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक श्रद्धांजलि सभा नहीं था, बल्कि यह एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरा, जिसमें उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रसेवा की भावना को और अधिक दृढ़ता से आत्मसात किया।

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