अभिषेक मिश्रा
चासनाला । बी०आई०टी० सिंदरी में आज दिनांक 20/06/2025 को निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने हेतु एक संगोष्ठी का आयोजन असैनिक अभियंत्रण विभाग के सभागार में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों के प्रति युवाओं और नागरिकों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत में संस्थान के नोडल पदाधिकारी डॉ० निशिकान्त किस्कु ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा नशा मुक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसके चपेट में आने से होने वाले दुष्परिणाम पर चर्चा की।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित बी० आई० सिंदरी के महाप्रतिपालक प्रो०(डॉ०) राजीव वर्मा ने मादक पदार्थों के दुष्परिणामों, सामाजिक प्रभावों और उससे बचाव के उपायों पर विस्तृत रूप से चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को कैसे रोका जा सकता है तथा इसके लिए अभिभावकों, शिक्षकों और समाज की क्या भूमिका होनी चाहिए।
संगोष्ठी में विभिन्न विभाग से उपस्थित विशेषज्ञों ने भी अपने अनुभव साझा किए और मादक पदार्थों से जुड़ी चिकित्सा व कानूनी जानकारी प्रदान की। इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में असैनिक अभियंत्रण विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० प्रफुल्ल कुमार शर्मा, धातु अभियंत्रण विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० अनिल रजक, डॉ० राजेंद्र मूर्मू, डॉ० मनोज मिश्र, प्रो० जे० एन० महतो, प्रो० महेंद्र भगत, प्रो० नरेश प्रसाद चौधरी, प्रो० संग्राम हेमब्रॉम, डॉ० कोमल कुमारी, प्रो० इक़बाल शेख एवं प्रो० सरोज मीणा उपस्थित रहें।
कार्यक्रम का समापन समन्वयक प्रो० प्रशान्त रंजन मालवीय के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें प्रो० मालवीय ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों और सहभागियों का आभार प्रकट किया एवं आने वाली पीढ़ी को नशा मुक्त बनाने पर हर संभव कोशिश करने का संकल्प लिया।
इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा दिखाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं और समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम हैं।
