लापरवाही में गई शंकर की जान
रामावतार स्वर्णकार
हजारीबाग/इचाक: थाना क्षेत्र के सालपर्णी स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के मैनेजर शंकर रविदास की हत्या के चौथे दिन भी पेट्रोल पंप बंद रहा। पूरा पेट्रोल पंप में सन्नाटा पसरा रहा। पेट्रोल पंप के कार्यालय में ताला लटका नजर आया वहीं स्टाफ रूम में सिर्फ दो व्यक्ति नजर आए जो पेट्रोल पंप के स्टाफ थे। बातचीत के क्रम में पेट्रोल पंप के एक कर्मी ने बताया कि पेट्रोल पंप में दैनिक सेलिंग के पैसे को बैंक में जमा करने के दौरान भारी लापरवाही बरती जाती है। सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा जाता। पेट्रोल पंप से बैंक की दूरी लगभग 3 किमी है। और पेट्रोल पंप से 1 किमी का एरिया लगभग सुनसान रहता है। बावजूद इसके पंप कर्मी प्रतिदिन के कलेक्शन का पैसा बगैर कोई सुरक्षा के मोटरसाइकिल से अकेले ही बैंक तक पहुंचाते है। विकास ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व तक पेट्रोल पंप के कैश राशि को जमा करने के लिए स्काउट की सहायता ली जाती थी। स्थानीय पुलिस स्काउट करते थे। लेकिन उन्हें 200 से 400 रुपए तक का टिप देना पड़ता था। कुछ दिनों से पेट्रोल पंप घाटे में चल रहा है। बहुत अधिक सेलिंग भी नही है। और प्रतिदिन सेलिंग का पैसा बैंक में जमा करना जरूरी होता था। चूंकि प्रतिदिन का कैश कलेक्शन कोई खास नहीं होता था इसलिए पंप कर्मियों ने स्काउट के लिए पुलिस का सहायता लेना लगभग छोड़ दिया। पंप कर्मियों के इसी लापरवाही का फायदा अपराधियों ने उठाया। घटना के पहले लगातार तीन दिनों तक बैंक खुला नहीं था। इस दौरान शायद पहले से रेकी कर रहे अपराधियों को बड़े कैश अमाउंट के होने का अंदाजा लग गया था। और अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया। आदतन बगैर किसी सुरक्षा के पंप मैनेजर शंकर रविदास 11 लाख 28 हजार 450 रुपए नकद और पांच लाख का चेक एक बैग में भरकर मोटरसाइकिल से अकेले ही बैंक जा रहा था। इस दौरान पहले से घात लगाए अपराधियों ने सिझुआ उवि के पास पंप मैनेजर को ओवरटेक कर गोली मारकर हत्या कर दिया और पैसे से भरा बैग लेकर फरार हो गए। बहरहाल घटना के चार दिनों बाद भी अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस घटना के हर पहलू पर बारीकी से जांच कर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। प्रशिक्षु आईपीएस सह थाना प्रभारी श्रुति ने बताया कि पुलिस की छापामारी अभियान जारी है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है। जल्द अपराधी सलाखों के पीछे होंगे।
