निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । नगर निकाय चुनाव को लेकर जामताड़ा और मिहिजाम में चुनावी सरगर्मी चरम पर है। इस बीच आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीते दिन भाजपा समर्थित एक प्रत्याशी के अभिकर्ता ने चुनाव आयोग और सरकार पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए थे। उनका कहना था कि प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है और विशेष राजनीतिक दलों को निशाना बनाया जा रहा है। इसी बयान पर पलटवार करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कड़ा रुख अपनाया है। जेएमएम के जिलाध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू ने कहा कि आदर्श आचार संहिता का पालन सभी प्रत्याशियों को करना चाहिए। यदि किसी भी दल या प्रत्याशी द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो प्रशासनिक कार्रवाई स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण के चुनाव आयोग और सरकार पर आरोप लगाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने जैसा है।
वहीं जेएमएम जिला सचिव परेश यादव ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से संचालित हो रही है। प्रशासन अपना कार्य नियमों के तहत कर रहा है। उन्होंने भाजपा समर्थित प्रत्याशी के अभिकर्ता पर राजनीति से प्रेरित बयान देने का आरोप लगाया और कहा कि चुनावी माहौल को अनावश्यक रूप से विवादित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि नगर निकाय चुनाव चुनाव आयोग करा रहे हैं, न कि झारखण्ड सरकार विपक्षी प्रत्यशी सरकार को बदनाम कर रही है। नगर निकाय चुनाव को लेकर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी से राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। हालांकि प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या दल पर समान रूप से कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव को लेकर शहर में चर्चा का माहौल गर्म है और सभी की निगाहें आगामी मतदान तिथि पर टिकी हैं।
