निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । आज को देर संध्या समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी कुमुद सहाय की अध्यक्षता में संथाल सिविल रूल्स एंड संताल परगना जस्टिस रेगुलेशन 1893 के प्रावधानों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रचलन में लाने हेतु प्रासंगिक रहने एवं विभिन्न पहलुओं पर समीक्षा हेतु बैठक आहूत किया गया। बैठक के दौरान उपायुक्त ने उपस्थित ग्राम स्तरीय परंपरागत व्यवस्था के सामाजिक प्रतिनिधि/बुद्धिजीवी एवं अंचल अधिकारी आदि के साथ संथाल सिविल रूल्स एंड संतालपरगना जस्टिस रेगुलेशन 1893 के प्रावधानों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उक्त दोनों लॉ के विभिन्न प्रावधानों के वर्तमान प्रासंगिकता को देखते हुए सभी लोग अपने अपने सुझावों/प्रस्तावों को बिंदुवार तैयार कर 02 दिनों के अंदर अपने अपने अंचल अधिकारी को देंगे एवं अंचल अधिकारी द्वारा समेकित प्रतिवेदन को जिला स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा। जिसे अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी के द्वारा प्राप्त सभी सुझावों एवं प्रस्तावों को बिंदुवार अवलोकन कर उसका प्रतिवेदन तैयार कर आयुक्त, संताल परगना प्रमंडल को जिला स्तर से प्रतिनिधिमंडल के द्वारा भेजा जाएगा, जिसमें आप लोगों में से 05 सदस्य शामिल होंगे। आयुक्त के स्तर से विभिन्न सुझावों एवं प्रस्तावों पर विचार एवं अग्रतर कार्रवाई हेतु राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। वहीं उन्होंने सभी ग्राम स्तरीय परंपरागत सामाजिक प्रतिनिधियों को एक्ट एवं अन्य बिंदुओं पर अवेयरनेस फैलाने के लिए अपील किया गया।
इस मौके पर परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, सरकारी अधिवक्ता अनिल कुमार महतो, सम्बन्धित अंचल अधिकारी के अलावा विभिन्न प्रखंडों के परंपरागत ग्राम स्तरीय सामाजिक प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।
